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Government Update: अब बिना आधार नहीं मिलेगा कौशल विकास योजना का फायदा, दिव्यांगजनों के लिए सरकार ने बदले नियम
Wed, 09 Jul 2025 06:14 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 09 Jul 2025 06:14 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों की कौशल विकास योजना के तहत आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब लाभ पाने के लिए आधार नंबर देना या उसका पंजीकरण दिखाना जरूरी होगा। हालांकि, मंत्रालय ने कहा है कि आधार न होने पर किसी पात्र लाभार्थी को रोका नहीं जाएगा। योजना में ओटीरी, क्यूआर कोड और वैकल्पिक दस्तावेजों से भी पहचान मान्य होगी। यह नियम 2 जुलाई से लागू हुआ है।
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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम
- फोटो : फिरदौस अहमद
विस्तार
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही कौशल विकास योजना में अब आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत किसी भी लाभार्थी को तब तक नकद लाभ नहीं मिलेगा जब तक वे अपना आधार नंबर या उसका पंजीकरण प्रमाण नहीं देंगे।
सरकार ने साफ किया है कि इस योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं जैसे ट्रांसपोर्ट अलाउंस, बोर्डिंग-लॉजिंग, पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता आदि पाने के लिए आधार नंबर देना या उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। यह नियम 2 जुलाई 2024 से प्रभावी हो गया है।
बिना आधार वाले भी वंचित नहीं होंगे
हालांकि, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पात्र दिव्यांगजनों के पास फिलहाल आधार नहीं है, उन्हें योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्हें पहचान के लिए स्कूल दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र या अभिभावकता से जुड़े कागजात देने होंगे।
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बायोमेट्रिक फेल हो तो मिलेंगे विकल्प
अगर आधार ऑथेंटिकेशन बायोमेट्रिक वजहों से फेल हो जाता है, तो ओटीपी, क्यूआर कोड स्कैन या ऑफलाइन ई-केवाईसी जैसे विकल्पों से पहचान की जा सकती है। इसके लिए यूआईडीएआई से मंजूरी ली गई है और संबंधित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।
ये भी पढें- वकीलों को समन भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, खुद लिया संज्ञान; जांच एजेंसियों पर उठाए सवाल
आधार केंद्र खोलने के निर्देश
मंत्रालय ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के लिए सुगम स्थानों पर आधार नामांकन केंद्र खोलें या खुद रजिस्ट्रार बनें, ताकि इन लोगों को कोई असुविधा न हो। यह कदम आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है।
जानकारी देने को मीडिया कैंपेन चलेगा
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि लोगों को इस बदलाव की जानकारी देने के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे लाभार्थी आधार के बिना भी अस्थायी तौर पर पहचान साबित कर सकते हैं और आगे जाकर योजना का पूरा लाभ ले सकते हैं।
ये भी पढें- गुजरात के वडोदरा में बड़ा हादसा: महिसागर नदी पर बने पुल का एक हिस्सा गिरा, नौ लोगों की मौत; हादसे की तस्वीरें
क्या है कौशल विकास योजना?
विकलांग व्यक्तियों के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना साल 2015 में शुरू हुई थी। इसका मकसद दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। यह योजना एसआईपीडीए एक्ट के तहत आती है और देशभर में इसके तहत लाखों लोग लाभ पा चुके हैं।
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सरकार ने साफ किया है कि इस योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं जैसे ट्रांसपोर्ट अलाउंस, बोर्डिंग-लॉजिंग, पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता आदि पाने के लिए आधार नंबर देना या उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। यह नियम 2 जुलाई 2024 से प्रभावी हो गया है।
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बिना आधार वाले भी वंचित नहीं होंगे
हालांकि, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पात्र दिव्यांगजनों के पास फिलहाल आधार नहीं है, उन्हें योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्हें पहचान के लिए स्कूल दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र या अभिभावकता से जुड़े कागजात देने होंगे।
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बायोमेट्रिक फेल हो तो मिलेंगे विकल्प
अगर आधार ऑथेंटिकेशन बायोमेट्रिक वजहों से फेल हो जाता है, तो ओटीपी, क्यूआर कोड स्कैन या ऑफलाइन ई-केवाईसी जैसे विकल्पों से पहचान की जा सकती है। इसके लिए यूआईडीएआई से मंजूरी ली गई है और संबंधित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।
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आधार केंद्र खोलने के निर्देश
मंत्रालय ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के लिए सुगम स्थानों पर आधार नामांकन केंद्र खोलें या खुद रजिस्ट्रार बनें, ताकि इन लोगों को कोई असुविधा न हो। यह कदम आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया गया है।
जानकारी देने को मीडिया कैंपेन चलेगा
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि लोगों को इस बदलाव की जानकारी देने के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे लाभार्थी आधार के बिना भी अस्थायी तौर पर पहचान साबित कर सकते हैं और आगे जाकर योजना का पूरा लाभ ले सकते हैं।
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क्या है कौशल विकास योजना?
विकलांग व्यक्तियों के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना साल 2015 में शुरू हुई थी। इसका मकसद दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। यह योजना एसआईपीडीए एक्ट के तहत आती है और देशभर में इसके तहत लाखों लोग लाभ पा चुके हैं।
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