फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court strict sending summons lawyers raised questions investigation agencies initiates suo motu case

Supreme Court: वकीलों को समन भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, खुद लिया संज्ञान; जांच एजेंसियों पर उठाए सवाल

Wed, 09 Jul 2025 01:48 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 09 Jul 2025 01:48 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों द्वारा वकीलों को समन भेजने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने सवाल किया है कि क्या सिर्फ कानूनी सलाह देने वाले वकीलों को सीधे समन किया जा सकता है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा वरिष्ठ वकीलों को समन भेजने के बाद यह मुद्दा उठा। कोर्ट ने इसे न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा बताया है।

विज्ञापन
Supreme Court strict sending summons lawyers raised questions investigation agencies initiates suo motu case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

 
विज्ञापन

देश की सर्वोच्च अदालत ने वकीलों को जांच एजेंसियों द्वारा समन भेजने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर खुद संज्ञान लेते हुए स्वत: संज्ञान में मामला शुरू किया है। अदालत यह तय करेगी कि क्या सिर्फ कानूनी सलाह देने वाले वकीलों को सीधे जांच एजेंसियों द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ 14 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगी, जब ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अदालत फिर से खुलेगी।

हालांकि, जांच एजेंसी ने बाद में अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने मुवक्किलों के खिलाफ धन शोधन की जांच में किसी भी वकील को समन जारी न करें। ईडी ने 20 जून को जारी एक पत्र में आगे कहा कि इस नियम में कोई भी अपवाद केवल उसके निदेशक की अनुमति के बाद ही किया जा सकता है। यह मामला तब सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वरिष्ठ वकीलों अरविंद दातार और प्रताप वेणुगोपाल को समन भेजा।
विज्ञापन


क्या था पूरा मामला?
दोनों वकीलों ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड को एक कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना पर कानूनी राय दी थी। यह योजना रिलिगेयर एंटरप्राइजेज की पूर्व अध्यक्ष रश्मि सलूजा से जुड़ी थी। वकीलों को समन भेजे जाने पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईडी ने वरिष्ठ वकीलों अरविंद दातार और प्रताप वेणुगोपाल को तलब किया था। 25 जून को न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि वकीलों को सीधे समन भेजना न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता के लिए खतरा है। अदालत ने कहा कि वकील न केवल प्रशासनिक न्याय का हिस्सा हैं, बल्कि उन्हें बिना डर के काम करने की आजादी होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक पेशेवर पर असर नहीं डालता, बल्कि पूरी न्याय प्रणाली पर असर डालता है।

ये भी पढ़ें- गुजरात के वडोदरा में बड़ा हादसा: महिसागर नदी पर बने पुल का एक हिस्सा गिरा, नौ लोगों की मौत; हादसे की तस्वीरें

सुप्रीम कोर्ट के दो अहम सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने दो अहम सवाल उठाए हैं। पहला, जब कोई व्यक्ति केवल कानूनी सलाह देता है, तो क्या उसे जांच एजेंसी सीधे समन कर सकती है? दूसरा, अगर किसी वकील की भूमिका वकील से बढ़कर है, तब भी क्या उसे सीधे समन करना उचित है या न्यायिक निगरानी जरूरी है? कोर्ट ने कहा कि इन सवालों पर व्यापक चर्चा और नीतिगत स्पष्टीकरण जरूरी है।


संवैधानिक अधिकारों की भी चर्चा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकील न केवल अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत पेशे का अधिकार रखते हैं, बल्कि उन्हें पेशे से जुड़े विशेषाधिकार और सुरक्षा भी मिलती है। अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है, जिसमें एक वकील को पुलिस द्वारा समन किए जाने को सही ठहराया गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को तब तक वकील को न बुलाने का आदेश दिया है।

ये भी पढ़ें- नदी में एक-एक कर गिरी कई गाड़ियां, अब तक 4 से ज्यादा की मौत

महत्वपूर्ण संस्थाओं से मांगी गई राय
इस अहम मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और दोनों वकील संगठनों के अध्यक्षों से राय मांगी है। यह मामला 14 जुलाई को गर्मियों की छुट्टियों के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट की यह पहल कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed