बंगाल का नाम सभी भाषाओं में बांग्ला रखने का प्रस्ताव पेश करेगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार अब विधानसभा के मानसून अधिवेशन के दौरान पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर सभी भाषाओं में बांग्ला करने संबंधी एक प्रस्ताव पेश करेगी। इससे पहले विधानसभा में राज्य का नाम अंग्रेजी में बेंगाल, बांग्ला में बांग्ला और हिंदी में बंगाल रखने का एक प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन केंद्र सरकार ने आपत्ति जताते हुए यह प्रस्ताव राज्य को लौटा दिया था। उसके बाद अब सरकार ने तीनों भाषाओं में राज्य का नाम बांग्ला ही रखने का फैसले किया है। संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने यहां पत्रकारों को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं में अलग-अलग नाम होने की वजह से केंद्र सरकार ने अब मूल विधेयक में संशोधन कर सभी भाषाओं में राज्य का नाम बांग्ला ही रखने का फैसला किया है। विधानसभा के अगले अधिवेशन के दौरान उक्त संशोधन विधेयक सदन पेश किया जाएगा।
ध्यान रहे कि 29 अगस्त, 2016 को सदन में आम राय से पारित एक विधेयक में तीन भाषाओं में तीन अलग-अलग नाम रखने का फैसला किया था। सदन में प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाता है। केंद्र की मुहर के बाद ही नाम बदला जा सकेगा।