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खुलासा: सरकारी दुकान से मिलने वाले राशन में भी हो रही मिलावट, पूरे देश में फेल हुए 31000 से ज्यादा नमूने
सार
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा सैंपल उत्तर प्रदेश में लिए गए। यहां 26934 राशन के नमूने लिए गए। इसमें 13 हजार से ज्यादा सैंपल फेल पाए गए। उत्तर प्रदेश की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए दस्तावेजों में बताया गया कि ऐसे संगीन अपराध करने वाले 118 लोगों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया और जेल भी भेजा गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
देश के अलग अलग राज्यों में सरकारी दुकानों से मिलने वाले राशन में भारी मिलावट हो रही है। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल देश के अलग-अलग राज्यों में लिए जाने वाले नमूने फेल हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, यह मिलावट सरकारी गल्ले की दुकान चलाने वाले लोगों की ओर से हो रही है। ऐसी लापरवाही करने वालों को न सिर्फ सजा हुई है, बल्कि उनको जेल की हवा तक खानी पड़ी है। पूरे देश में उत्तर प्रदेश तमिलनाडु गुजरात मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नमूने लिए गए।
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केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल पूरे देश भर में सरकारी राशन की दुकानों से 165356 राशन के नमूने लिए गए। इनमें से 31592 नमूने फेल हो गए है। खाद एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि लोगों को राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के अधीन आती है। इसके लिए सरकारी गल्ले की दुकानों का प्रावधान है।
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अधिकारियों का कहना है कि सरकारी राशन की दुकानों पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाला राशन अलग-अलग अधिकारियों और जांच करने वाले जिम्मेदारों की नजर से गुजरता है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से सरकारी डिपो और दुकानों तक पहुंचाया जाने वाला राशन बेहतर क्वालिटी का होता है। सरकारी गल्ले की दुकानों में मिलने वाले राशन की जब खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नमूनों की जांच की गई तो पाया गया कि गल्ले की दुकान करने वालों की ओर से कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट हुई थी। पिछले साल ऐसे ही लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले 669 लोगों को जेल तक भेजा गया।
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केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा सैंपल उत्तर प्रदेश में लिए गए। यहां 26934 राशन के नमूने लिए गए। इसमें 13 हजार से ज्यादा सैंपल फेल पाए गए। उत्तर प्रदेश की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए दस्तावेजों में बताया गया कि ऐसे संगीन अपराध करने वाले 118 लोगों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया और जेल भी भेजा गया। पूरे देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा सैंपल तमिलनाडु में 19858 सैंपल लिए गए। तमिलनाडु में लिए गए सैंपल में 1033 नमूने फेल पाए गए। ऐसी लापरवाही करने वाले 360 लोगों को कर्नाटक में जुर्माने और कारावास की सजा दी गई। पूरे देश में तीसरे नंबर पर राजस्थान में 16022 नमूने लिए गए। 800 नमूने फेल रहे और 14 लोगों को जुर्माने के साथ कारावास की सजा सुनाई गई।
केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में 15355 और महाराष्ट्र में 13118। सैंपल लिए गए। मध्यप्रदेश में लिए गए नमूनों में 29 नमूने फेल हुए और 72 लोगों को सजा दी गई। जबकि महाराष्ट्र में 1550 नमूने लिए गए और 12 लोगों को सजा सुनाई गई। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले राशन का वितरण राज्य सरकार करती है। लोगों को उच्च गुणवत्ता का राशन मिले इसके लिए राज्य सरकार समय-समय पर ऐसे नमूने लेती रहती है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे राशन में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का प्रावधान है और उसी के तहत इन लोगों के खिलाफ कारावास तक की सजा दी जा रही है।
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सबसे ज्यादा सैंपल लेने वालों के अलावा कुछ राज्य ऐसे है जहां सबसे कम सैंपलिंग की गई और उनके नतीजे भी उसी तरीके से रहे। पुडुचेरी में 5 जगह सैंपलिंग की गई इसमें दो नमूने फेल हुए। जबकि त्रिपुरा में 51 जगह सैंपिलिंग की गई। फिलहाल यक्ष कोई सैंपल तो फेल नहीं पाया गया लेकिन 20 नमूनों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इसी तरह लद्दाख में 66 नमूने लिए गए। पिछले साल फिलहाल कोई भी नमूना फेल नहीं हुआ हालांकि 47 मामलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मिजोरम और लक्षदीप में कोई भी सैंपलिंग नहीं हुई है। यही वजह है कि राज्यों में किसी भी तरीके की रिपोर्ट भी नहीं आई और किसी को सजा भी नहीं हुई।