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मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले ट्रंप को भारत ने दिया झटका, 6500 करोड़ की हेलिकॉप्टर डील रद्द
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:06 PM IST
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skiorsky helicopter
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले सरकार ने ट्रंप प्रशासन को झटका दे दिया है। केंद्र सरकार ने इंडियन नेवी के लिए अमेरिकी कंपनी सिकोर्स्की के 16 हेलिकॉप्टर की डील को निरस्त कर दिया है।
इस डील को सरकार ने 6500 करोड़ में किया था। सरकार का मकसद डिफेंस के लिए मेक इन इंडिया के तहत उत्पाद निर्माण करने का है। इसके साथ ही वो चाहती है कि विदेशी कंपनियां डिफेंस सेक्टर के लिए अपने प्राइस में कमी करें।
डिफेंस मिनिस्ट्री कर रही थी कंपनी से मोलभाव
मेल टुडे के मुताबिक, देश के रक्षा बजट में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण डिफेंस मिनिस्ट्री विदेशी कंपनी से जहां एक तरफ काफी मोलभाव कर रही हैं, वहीं मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा दे रही हैं।
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नेवी के लिए 16 हेलिकॉप्टर खरीदने पर अमेरिकी कंपनी सिकोर्स्की से दो साल से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्राइस पर सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से डिफेंस मिनिस्ट्री ने डील को निरस्त करने का फैसला लिया है।
यूपीए सरकार ने किया था 2009 में करार
नेवी के लिए 16 हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2009 में अमेरिकी कंपनी के साथ करार किया था। पिछले दो साल से मोदी सरकार कंपनी पर प्राइस कम करने को कह रही थी।
लेकिन कंपनी द्वारा प्राइस कम नहीं करने पर सरकार ने डील को कैंसिल कर दिया है। अब सरकार नेवी के लिए इन 16 हेलिकॉप्टरों का निर्माण 140 मल्टीरोल हेलिकॉप्टरों के साथ में करेगी। सरकार का प्लान है कि वो प्रमुख नेवल वॉरशिप्स को एक-एक मल्टीरोल हेलिकॉप्टरों से लैस कर दे।
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इस डील को सरकार ने 6500 करोड़ में किया था। सरकार का मकसद डिफेंस के लिए मेक इन इंडिया के तहत उत्पाद निर्माण करने का है। इसके साथ ही वो चाहती है कि विदेशी कंपनियां डिफेंस सेक्टर के लिए अपने प्राइस में कमी करें।
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डिफेंस मिनिस्ट्री कर रही थी कंपनी से मोलभाव
मेल टुडे के मुताबिक, देश के रक्षा बजट में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण डिफेंस मिनिस्ट्री विदेशी कंपनी से जहां एक तरफ काफी मोलभाव कर रही हैं, वहीं मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा दे रही हैं।
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नेवी के लिए 16 हेलिकॉप्टर खरीदने पर अमेरिकी कंपनी सिकोर्स्की से दो साल से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्राइस पर सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से डिफेंस मिनिस्ट्री ने डील को निरस्त करने का फैसला लिया है।
यूपीए सरकार ने किया था 2009 में करार
नेवी के लिए 16 हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2009 में अमेरिकी कंपनी के साथ करार किया था। पिछले दो साल से मोदी सरकार कंपनी पर प्राइस कम करने को कह रही थी।
लेकिन कंपनी द्वारा प्राइस कम नहीं करने पर सरकार ने डील को कैंसिल कर दिया है। अब सरकार नेवी के लिए इन 16 हेलिकॉप्टरों का निर्माण 140 मल्टीरोल हेलिकॉप्टरों के साथ में करेगी। सरकार का प्लान है कि वो प्रमुख नेवल वॉरशिप्स को एक-एक मल्टीरोल हेलिकॉप्टरों से लैस कर दे।