{"_id":"605520698ebc3e8ccb01f7de","slug":"government-said-to-high-court-that-violation-of-whatsapp-new-privacy-policy-rules-requested-to-stop-it","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने हाईकोर्ट में कहा, व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति नियमों का उल्लंघन, लगे रोक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सरकार ने हाईकोर्ट में कहा, व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति नियमों का उल्लंघन, लगे रोक
Sat, 20 Mar 2021 03:36 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 20 Mar 2021 03:36 AM IST
सार
- कहा, आईटी नियमों के तहत कोई कंपनी डाटा जुटाती है, तो उसकी सुरक्षा की जवाबदेही भी उसी की
- केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दिया हलफनामा, कहा, मामले की सुनवाई अब 20 अप्रैल को तय
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति को नियमों का उल्लंघन करार दिया है और हाईकोर्ट से इस पर पर रोक लगाने की गुहार लगाई।
विज्ञापन
नई नीति और सेवा की शर्तें 15 मई से लागू होने वाली हैं। केंद्र की इस अपील के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को तय कर दी।
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में कोर्ट से कहा, यह विनम्रतापूर्वक आग्रह है कि व्हाट्सएप को अपनी नई गोपनीयता नीति और सेवा की शर्तों को लागू करने से रोका जाए।
विज्ञापन
केंद्र ने कहा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी नियमों के तहत अगर कोई कंपनी कामकाज के दौरान डाटा जुटाती है, तो डाटा की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही भी उसी की है। इस जवाबदेही के अलावा विशेष रूप से इन नियमों के तहत अगर कोई कॉरपोरेट निकाय डाटा जुटाता है, संग्रह करता है या फिर उससे दूसरे कामकाज करता है, उसे डाटा की सुरक्षा के लिए कुछ ठोस उपाय भी करने होंगे।
यह गोपनीयता नीति 2011 के नियमों का उल्लंघन है। केंद्र ने यह हलफनामा वकील कीर्तिमान सिंह के जरिये कोर्ट में दी है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीते तीन फरवरी को नई गोपनीयता नीति को लेकर केंद्र और व्हाट्सएप से जवाब मांगा था।
क्या है नई नीति, जिस पर है विवाद
याचिकाकर्ताओं सीमा सिंह, मेघन और विक्रम सिंह ने दलील दी है कि नई गोपनीयता नीति भारतीय डाटा संरक्षण और गोपनीयता कानूनों में खामियों का नतीजा है। नई नीति के तहत उपयोगकर्ता या तो इसे स्वीकार कर सकते हैं या एप से बाहर निकल सकते हैं, लेकिन वे अपने डाटा को फेसबुक के स्वामित्व वाले या किसी तीसरे एप के साथ साझा करने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हमें दे रखी है डाटा सुरक्षा की जिम्मेदारी
केंद्र ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी हमें दे रखी है। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए लोकसभा में निजी डाटा सुरक्षा संरक्षण विधेयक, 2019 पेश किया है।
इसके कानून बन जाने पर यह डाटा संरक्षण पर एक मजबूत व्यवस्था बनाएगा, जो व्हाट्सएप जैसी कंपनियों की सीमा तय करेगा, जो डाटा की उचित सुरक्षा और संरक्षण के बिना ही ऐसी गोपनीयता की नीतियां जारी करती हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि इसके अलावा सूचना-प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 भी संसद में पारित होने के लिए लंबित है।
नए आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेजन, नेटफ्लिक्स जैसे ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्म और डिजिटल मीडिया को कानून के दायरे में लाने को लेकर के बनाए गए नए नियमों को चुनौती देने वाली एक और याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने इस याचिका पर 16 अप्रैल को अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई का निर्णय लिया है। यह याचिका एक ऑनलाइन मीडिया ने दायर की है।
नए आईटी नियमों के अनुसार, सरकार द्वारा चिह्नित की गई किसी भी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा। ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्मों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ राष्ट्रविरोधी संदेशों के मूल स्रोतों की पहचान करनी होगी। अपराध सिद्ध होने पर सजा भी हो सकती है।