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नेपाल, भूटान के नागरिक भारत और 11 अन्य देशों के बीच एयर बबल उड़ानों से कर सकते हैं यात्रा : सरकार
Sat, 12 Dec 2020 03:46 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 12 Dec 2020 03:46 AM IST
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Air India - सांकेतिक तस्वीर
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल और भूटान के नागरिकों को भारत और 11 अन्य देशों के बीच हुई एयर बबल व्यवस्था के तहत संचालित होने वाली विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करने की अनुमति दी गई है। ये 11 देश इथियोपिया, फ्रांस, जर्मनी, इराक, केन्या, नीदरलैंड, कतर, रवांडा, तंजानिया, उक्रेन और संयुक्त अरब अमीरात हैं।
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मंत्रालय ने ट्वीट किया कि फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड के साथ एयर बबल करार के तहत यात्रा करने वाले यात्री अब यूरोपीय संघ/शेनजेन एरिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीकी देशों की भी यात्रा कर सकते हैं। अभी तक एयर बबल समझौते के तहत एयरलाइंस को सिक्स्थ फ्रीडम यात्रियों को भारत से ले जाने की अनुमति नहीं थी।
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सिक्स्थ फ्रीडम राइट एक एयरलाइन को एक देश से अपने गृह देश के हब एयरपोर्ट तक ले जाने है और इसके बाद उन यात्रियों को किसी तीसरे देश की संपर्क उड़ान को पकड़ने की अनुमति देता है। बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिका या कनाडा जाने के लिए लुफ्थांसा जैसे यूरोपियन एयरलाइंसों या एमिरेट्स जैसी गल्फ एयरलाइंसों का उपयोग करते हैं।
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मंत्रालय ने कहा कि भारत-कतर और भारत-संयुक्त अरब अमीरात के बीच एयर बबल व्यवस्था के तहत यात्री दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका की यात्रा कर सकते हैं। इसी तरह भारत और इथियोपिया, केन्या, रवांडा और तंजानिया के बीच ऐसे इंतजाम के तहत यात्री अफ्रीका के किसी भी देश जा सकेंगे। भारत और उक्रेन के बीच करार के तहत यात्री रूस को छोड़कर सीआईएस (कॉमनवेल्थ ऑफ इंडेपेंडेंट स्टेट्स) की यात्रा कर सकेंगे।
कोरोना महामारी के चलते 23 मार्च से ही देश में नियमित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर पाबंदी लगी हुई है। हालांकि मई से वंदे भारत मिशन और जुलाई से द्विपक्षीय एयर बबल करार के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी गई। भारत ने नेपाल और भूटान समेत करीब 22 देशों से ऐसा समझौता किया है।