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विवाद से विश्वास योजना से सरकार ने जुटाया 72 हजार करोड़ रुपये का राजस्व
Wed, 18 Nov 2020 10:28 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 18 Nov 2020 10:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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आयकर विभाग की तरफ से शुरू की गई विवाद से विश्वास योजना के जरिये केंद्र सरकार को अब तक 72,480 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को इस योजना की एक उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। इस बैठक में बताया गया कि योजना के तहत कुल एक लाख 1,00,195 करोड़ रुपये की विवादित रकम से जुड़े मामले निस्तारित किए गए, जिनकी 72,480 करोड़ रुपये की समझौता कर राशि 17 नवंबर तक जमा कराई जा चुकी थी।
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सूत्रों के मुताबिक, 17 नवंबर तक फार्म-1 में इस योजना के तहत कुल 45,855 घोषणाएं दर्ज कराई गई थीं। इन घोषणाओं के तहत कुल 31,734 करोड़ रुपये की विवादित आयकर मांग के निस्तारण का आग्रह किया गया था। बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण बने हालातों के चलते करदाताओं को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखकर सरकार ने विवाद से विश्वास योजना के तहत घोषणाएं दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दिया है। साथ ही बिना ब्याज और जुर्माने के भुगतान करने की समय सीमा को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया है।
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आयकर से जुड़ी मुकदमेबाजी को कम करने के लिए 17 मार्च को संसद की मंजूरी के बाद विवाद से विश्वास योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत विवादित आयकर का 100 फीसदी और विवादित जुर्माने, ब्याज या शुल्क का 25 फीसदी भुगतान करने पर के भुगतान पर उस विवाद को निस्तारित घोषित करती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए करदाता और आयकर विभाग, दोनों की तरफ से सभी तरह की अपीलें वापस ली जाती हैं और करदाता को आयकर अधिनियम के तहत होने वाली किसी भी कार्रवाई से मुक्त घोषित किया जाता है।
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