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चाय बागानों को बदहाली से उबारने खाली जमीन का सर्वेक्षण कराएगी बंगाल सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:16 PM IST
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पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के चाय बागानों को बदहाली से उबारने के लिए राज्य सरकार ने उन बागानों की खाली पड़ी जमीनों का सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है ताकि इसका इस्तेमाल मजदूरों के हितों में किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि भूमि व भू-राजस्व विभाग ने निविदा के जरिए सिरिल रिस्क एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन लिमिटेड नामक एक कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा है। सर्वेक्षण का काम जल्दी ही शुरू होगा।
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सरकारी सूत्रों का कहना है कि दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर जिलों में ब्रिटिश दौर से चलने वाले तीन सौ से ज्यादा चाय बागान हैं। इन जिलों की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इन चाय बागानों पर ही निर्भर है। इस उद्योग से परोक्ष या प्रत्यक्ष तौर पर दस लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं।
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राज्य सरकार के सर्वेक्षण का मकसद वैध चाय बागानों में खाली पड़ी जमीन की मात्रा का पता लगाना है। सर्वेक्षण करने वाली संस्था इस बात की सिफारिश करेगी कि विभिन्न बागानों की खाली पड़ी जमीन को मजदूरों के हित में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार इस उद्योग को बदहाली से बचाने के लिए चाय बागान पर्यटन पर भी जोर दे रही है।
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