एच1बी वीजा पर सरकार कर रही अमेरिका के फैसले का इंतजार
सीतारमण ने बताया कि इस मामले में वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय जल्द ही आईटी कंपनियों व उनके संगठन नैसकॉम से बात करने जा रहा है ताकि सरकार को यह जानकारी मिल सके कि अमेरिका में काम करने वाली ये भारतीय कंपनियां इस मामले में क्या रणनीति अपना रही हैं। उस आधार पर भारत सरकार अपनी रणनीति तय करेगी। एच1बी वीजा पर अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पुरानी सरकार के फैसले को पलटना चाहते हैं।
ऐसा होने पर भारतीय प्रोफेशनल्स को एच1बी वीजा मिलना मुश्किल हो जाएगा। सीतारमण ने बताया कि वीजा को लेकर अमेरिकी सरकार के रुख के बाद वह आईटी कंपनियों के संपर्क में हैं और इस मामले से जुड़ी तस्वीर को और साफ करने के लिए वह विदेश मंत्रालय से भी संपर्क कर रही हैं।
निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम पर समान खर्च करेंगे केंद्र व राज्य
सोमवार को सीतारमण ने बताया कि बजट में निर्यात को लेकर नई इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम का जो प्रावधान किया गया है, उसके तहत राज्य व केंद्र दोनों के सहयोग से निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत राज्य सरकार व केंद्र सरकार बराबर की राशि खर्च करेगी। बजट प्रावधान को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने बताया कि लेदर व फुटवियर सेक्टर के पैकेज को जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसका एलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लेदर व फुटवियर क्षेत्र को कई तरह के इंसेंटिव देने की योजना बनाई गई है।