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मोबाइल ऐप्लीकेशन ब्लॉक करने पर सरकार ने मांगे सुझाव, फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां नहीं लगा सकती रोक
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 06 Aug 2018 09:50 PM IST
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सुरक्षा कारणों के चलते इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी और सुरक्षा एजेंसियों ने जरूरत पड़ने पर व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन ब्लॉक करने की मांग की है। इस पर दूरसंचार मंत्रालय ने विभिन्न एप्लीकेशन को ब्लॉक करने को लेकर टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं समेत अन्य की राय मांगी है।
दूरसंचार मंत्रालय ने सेवा प्रदाता कंपनियों को एप्लीकेशन ब्लॉक करने के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं। दूरसंचार विभाग ने 18 जुलाई को पत्र लिखकर निजी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सेदारों से इस मुद्दे पर राय मांगी थी।
आईटी अधिनियम की धारा 63 के तहत अभी ऑनलाइन एप्लीकेशन ब्लॉक करने का आदेश साइबर सुरक्षा पर बनी अधिकारियों की समिति और अदालत ही दे सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां को सीधे तौर पर ब्लॉक करने का अधिकार नहीं है। लिहाजा राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे हालात में उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ऐसे में कई बार प्रक्रिया पूरी करने में समय लग जाता है।
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इसके मद्देनजर दूरसंचार मंत्रालय ने टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं समेत अन्य से व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे मोबाइल एप्लीकेशन ब्लॉक करने पर राय मांगी है। इससे पहले आईटी मंत्रालय मॉब लिंचिंग के मामलों में व्हाट्सऐप को दो नोटिस भेज चुका है और उसे विभिन्न स्तरों पर फर्जी संदेशों के बड़े पैमाने पर प्रसारित करने पर रोक लगाने को कह चुका है।
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दूरसंचार मंत्रालय ने सेवा प्रदाता कंपनियों को एप्लीकेशन ब्लॉक करने के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं। दूरसंचार विभाग ने 18 जुलाई को पत्र लिखकर निजी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सेदारों से इस मुद्दे पर राय मांगी थी।
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आईटी अधिनियम की धारा 63 के तहत अभी ऑनलाइन एप्लीकेशन ब्लॉक करने का आदेश साइबर सुरक्षा पर बनी अधिकारियों की समिति और अदालत ही दे सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां को सीधे तौर पर ब्लॉक करने का अधिकार नहीं है। लिहाजा राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे हालात में उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ऐसे में कई बार प्रक्रिया पूरी करने में समय लग जाता है।
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इसके मद्देनजर दूरसंचार मंत्रालय ने टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं समेत अन्य से व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे मोबाइल एप्लीकेशन ब्लॉक करने पर राय मांगी है। इससे पहले आईटी मंत्रालय मॉब लिंचिंग के मामलों में व्हाट्सऐप को दो नोटिस भेज चुका है और उसे विभिन्न स्तरों पर फर्जी संदेशों के बड़े पैमाने पर प्रसारित करने पर रोक लगाने को कह चुका है।
'डिजिटल अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता पर असर पड़ेगा'
Assocham
प्रभावित होगा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम: एसोचैम
दूरसंचार मंत्रालय को भेजे गए जवाब में उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि एप्लीकेशन ब्लॉक करने का कदम उठाने से दुनिया में टेक्नोलॉजी हब के तौर पर उभर रहे देश की साख खराब होगी।सरकार द्वारा चलाया जा रहा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भी प्रभावित होगा। देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता पर भी असर पड़ेगा।
एसोचैम का यह भी मानना है कि इससे उपभोक्ता के मौलिक अधिकार प्रभावित होंगे। टेलीकॉम और इंटरनेट सेवा प्रदाता भी मंत्रालय को अपना जवाब भेज रहे हैं। इनके प्रतिनिधियों ने बताया कि वे सरकार का साथ देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
लेकिन किसी अन्य की शरारत की वजह से सीधे तौर पर ऑनलाइन एप्लीकेशन को ब्लॉक करने का कदम न उठाया जाए। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा या कानून व्यवस्था के मसले पर प्रत्येक सेवा प्रदाता सरकार का साथ देगा और ऐसे एप्लीकेशन ब्लॉक करेगा।
दूरसंचार मंत्रालय को भेजे गए जवाब में उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि एप्लीकेशन ब्लॉक करने का कदम उठाने से दुनिया में टेक्नोलॉजी हब के तौर पर उभर रहे देश की साख खराब होगी।सरकार द्वारा चलाया जा रहा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भी प्रभावित होगा। देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता पर भी असर पड़ेगा।
एसोचैम का यह भी मानना है कि इससे उपभोक्ता के मौलिक अधिकार प्रभावित होंगे। टेलीकॉम और इंटरनेट सेवा प्रदाता भी मंत्रालय को अपना जवाब भेज रहे हैं। इनके प्रतिनिधियों ने बताया कि वे सरकार का साथ देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
लेकिन किसी अन्य की शरारत की वजह से सीधे तौर पर ऑनलाइन एप्लीकेशन को ब्लॉक करने का कदम न उठाया जाए। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा या कानून व्यवस्था के मसले पर प्रत्येक सेवा प्रदाता सरकार का साथ देगा और ऐसे एप्लीकेशन ब्लॉक करेगा।