केंद्र सरकार ने जारी की भारत के टॉप 10 थानों की लिस्ट, अंडमान निकोबार पहले ,एमपी 10वें स्थान पर
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केंद्र सरकार ने 2019 के टॉप टेन पुलिस थानों की लिस्ट जारी कर दी है। देश भर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों की सूची में अंडमान निकोबार का अबेरदीन थाना पहले स्थान पर है। वहीं मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले का बरगावा थाना दसवें स्थान पर है। ये हैं देश के शीर्ष 10 पुलिस स्टेशन: -
| राज्य | जिला | पुलिस स्टेशन | रैंक |
| अंडमान एंड निकोबार आइलैंड | अंडमान | अबेरदीन | 1 |
| गुजरात | माहीसागर | बालासिनोर | 2 |
| मध्य प्रदेश | बुरहानपुर | अजाक (आदिम जाति कल्याण) | 3 |
| तमिलनाडु | थेनी | एडब्ल्यूपीएस थेनी | 4 |
| अरुणाचल प्रदेश | दीबांग घाटी | अनिनि | 5 |
| दिल्ली | दक्षिण-पश्चिम जिला | बाबा हरिदास नगर, द्वारका | 6 |
| राजस्थान | झालवार | बाकनी | 7 |
| तेलंगाना | करीमनगर | चोप्पाडंडी(एम) | 8 |
| गोवा | नॉर्थ गोवा | बिकोलीम | 9 |
| मध्य प्रदेश | श्योपुर | बरगावा | 10 |
पुलिस स्टेशनों की ग्रेडिंग का यह प्रयास गुजरात के कच्छ में 2015 के सम्मेलन के दौरान डीएसजीपी को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री के निर्देशों को दर्शाता है। जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस स्टेशनों की ग्रेडिंग और फीडबैक के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करने के लिए मापदंडों को निर्धारित किया जाना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री, अमित शाह ने कहा कि उन्होंने देखा है कि देश के हजारों पुलिस स्टेशनों में से जो पुलिस स्टेशन मापदंडों के अनुसार शार्टलिस्ट किए गए उनमें से अधिकांश छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुलिस स्टेशन हैं। यह बात उन पुलिस स्टेशनों पर भी लागू होती है, जिन्हें शीर्ष 10 में स्थान दिया गया है। यह दर्शाता है कि संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे अधिक महत्वपूर्ण है हमारे पुलिस कर्मियों का अपराध को रोकने, नियंत्रित करने और राष्ट्र की सेवा करने के लिए समर्पण और ईमानदारी।
शीर्ष थानों को चुनने के लिए अपनाई गई ये प्रक्रिया
देशभर से 15,579 पुलिस थानों में से 10 शीर्ष पुलिस थानों की रैंकिंग दी गई है। इसके लिए पहले थानों में डाटा विश्लेषण, सीधी परख और सार्वजनिक तौर पर लोगों से मिली जानकारी के माध्यम से रैंकिंग प्रक्रिया के तहत प्रत्येक राज्य में श्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले थानों की संक्षिप्त सूची तैयार की गई। ये सूची थानों द्वारा सम्पत्ति अपराध, महिलाओं के विरूद्ध अपराध और कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों के समाधान के आधार पर बनाई गई। शुरुआत में प्रत्येक राज्य से तीन थानों का चयन करते हुए 750 थानों को शार्टिलिस्ट किया गया। इनमें सभी राज्यों और दिल्ली से दो थानों को शामिल किया गया और केंद्रशासित प्रदेशों से एक थानों को। इसके बाद रैंकिंग प्रक्रिया के अगले चरण के लिए उनमें से 79 थानों को चुना गया।
19 मापदंडों से होकर गुजरना पड़ा
अंतिम चरण में सेवा वितरण के मानकों का मूल्यांकन करने और पुलिसिंग में सुधार की तकनीकों की पहचान करने के लिए 19 मापदंडों की पहचान की गई थी। यह भाग सम्पूर्ण स्कोर में 80 प्रतिशत भारांक का था। शेष 20 प्रतिशत भारांक थाने की आधारभूत संरचना तथा कर्मियों से सम्पर्क सुग्यमता और नागरिकों से प्राप्त जानकारी पर आधारित था। प्रत्येक स्थान से लगभग 60 लोगों को शामिल करके 5,461 लोगों से फीडबैक लिया गया। अंत में इस आधार पर टॉप-10 थानों की सूची तैयार की गई।
पुलिस स्टेशनों की वार्षिक रैंकिंग का देश और विशेषकर पुलिस बलों द्वारा बेसब्री से इंतजार किया जाता है। यह पुलिस के कामकाज में एक अंतर्दृष्टि देता है और आंतरिक सुरक्षा के व्यापक दायरे में सार्वजनिक नीति तैयार करने के लिए मूल्यवान इनपुट प्रदान करता है। इस वर्ष के सर्वेक्षण में देश के सभी राज्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। सीसीटीएनएस डेटाबेस के व्यापक उपयोग और तीसरे पक्ष की एजेंसी द्वारा किए गए जमीनी सर्वेक्षण द्वारा अभ्यास की निष्पक्षता सुनिश्चित की गई है। नागरिक की चिंताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए नागरिक के इंटरफेस पर सर्वेक्षण को भी नया रूप दिया गया है।