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विरोध-प्रदर्शनों पर राहुल गांधी बोले- सरकार लोगों की आवाज नहीं दबा सकती, देश में अघोषित आपातकाल
Thu, 19 Dec 2019 09:12 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 19 Dec 2019 09:12 PM IST
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नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर देशभर के कई स्थानों पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए टृवीट कर कहा कि सरकार को मेट्रो ट्रेनों को रोकने, इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने और कॉलेज बंद करने का कोई अधिकार नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि ये सरकार भारत की आवाज नहीं दबा सकती है।
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कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार इंटरनेट सेवा बंद करने और निषेधाज्ञा लगाने जैसे दमनकारी कदमों से लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और देश में अघोषित आपातकाल है।लेकिन सरकार जितना आवाज दबाएगी, उतनी तेज आवाज उठेगी और देश में शांति तभी आएगी, जब इस सरकार को बताया जाएगा कि इनका देश से जाने का समय आ गया है।
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कांग्रेस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के लिये भाजपा को शर्म आनी चाहिए । कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘ये क्या है? ये भाजपा काल नहीं, ये देश में अघोषित आपातकाल है, जिसको सामान्य स्थिति के नाम पर चलाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इनकी (सरकार) सामान्य स्थिति की वही परिभाषा है जो कश्मीर में अपनायी गयी, वही भारत के अन्य भागों में अपनाया जा रहा है। हर और हिंसा का माहौल दिखाई देता है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सिंघवी ने कहा, लगता है कि देश में शांति तभी आएगी, जब इस सरकार को बताया जाएगा कि इनका देश से जाने का समय आ गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, मोदी सरकार ने संविधान पर हमला बोला, युवाओं पर हमला बोला, छात्रों पर हमला बोला। मेट्रो बंद है, इंटरनेट बंद है, बोलने की आजादी बंद है। रोजगार बंद है...मोदी है तो मुमकिन है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, मेट्रो स्टेशन बंद हैं। इंटरनेट बंद है। हर जगह धारा 144 लागू है। किसी भी जगह आवाज उठाने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आज करदाताओं का पैसा खर्च करके करोड़ों का विज्ञापन लोगों को समझाने के लिए निकाला है, वही लोग आज जनता की आवाज से इतना बौखलाए हुए हैं कि सबकी आवाजें बंद कर रहे हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली में लाल किला क्षेत्र के आसपास लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए काफी संख्या में लोगों ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में मार्च निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव डी राजा सहित अन्य वामदलों के नेताओं, स्वराज इंडिया के योगेन्द्र यादव आदि को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है।
सिंघवी ने आरोप लगाया कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आवाज दबाने के लिये दमनकारी कदम उठा रही है जिसमें इंटरनेट सेवा बंद करना, अनेक मेट्रो स्टेशन बंद करना, धारा 144 लगाना शामिल है। उन्होंने सरकार के इन कदमों की तुलना अंग्रेजो के शासन के दौरान हुए दमन से की ।
उन्होंने दावा किया कि यह भारतीय जनता पार्टी नहीं, भारतीय जिद्द पार्टी है जो लोगों के इतने बड़े आक्रोश के बावजूद जिद पर चल रही है । कांग्रेस ने ट्वीट किया, सरकर के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। धारा 144 लगाने और इंटरनेट सेवा बंद करने जैसे दमनकारी कदमों से स्पष्ट होता है कि जो बातें लोग कहना चाहते हैं, सरकार उसे सुनने से भयभीत है। भाजपा को शर्म आनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक अन्य ट्वीट में कहा, आज रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला और रोशन सिंह का शहादत दिवस है। इस साझी शहादत का महत्व आज तब और बढ़ जाता है जब सरकार में बैठे लोग धर्म की राजनीति का चश्मा लगाकर बैठे हैं। उन्होंने अशफाक और बिस्मिल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब दोनों जेल में थे तब अंग्रेजों की तरफ से अशफाक और बिस्मिल को धर्म का हवाला देकर आपस में फूट डालने की कोशिश की गई और बोला गया कि अंग्रेजों की तरफ से गवाही दे दो।