फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   government and serum institute exploring possibility of producing covaxin and covisheild abroad

तैयारी: विदेशों में बनेंगे कोरोना के देसी टीके? किल्लत दूर करने के लिए केंद्र सरकार बना रही योजना

Sat, 01 May 2021 08:09 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 01 May 2021 08:09 AM IST
सार

देश में आज से वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू होने वाला है लेकिन कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी के चलते अभी 18-44 साल की उम्र वाले लोगों को टीका लगाने से मना कर दिया है। इसी बीच केंद्र सरकार ने विदेशों में भी कोवैक्सीन के उत्पादन पर जोर दिया है। 

विज्ञापन
government and serum institute exploring possibility of producing covaxin and covisheild abroad
कोवैक्सीन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

देश में आज से वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। लेकिन कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी के चलते अपनी जनता से टीकाकरण केंद्र ना आने की अपील की है। बता दें कि देश में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। 

विज्ञापन


विदेशों में भी होगा कोवैक्सीन का उत्पादन
मौजूदा समय में कई राज्यों में दोनों ही वैक्सीन की कमी की शिकायतें आ रही हैं। इसलिए केंद्र सरकार और सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला विदेशों में भी अपनी वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आपूर्ति संकट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। 
विज्ञापन


वैक्सीन की मांग का पूरा करने की जरूरत
अपना नाम ना बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के नए म्यूटेशन को देखते हुए वैक्सीन की मांग को पूरा करने की आवश्यकता है। हमने विदेशों को कोवैक्सीन बनाने का ऑफर दिया है। वाणिज्यिक संस्थाओं के बीच तकनीकी ट्रांसफर के जरिए उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि ये दूसरे स्वदेशी वैक्सीन के साथ किया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को 4,500 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। 20 अप्रैल को भारत बायोटेक ने एलान किया कि वो अपनी वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाकर 700 मिलियन डोसेज सालाना कर देंगे। 

विदेशों में सीरम इंस्टीट्यूट की भी वैक्सीन का उत्पादन
एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की गई कोविशील्ड वैक्सीन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई जाती है। वैक्सीन की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए अब इंस्टीट्यूट की सीईओ अदार पूनावाला विदेशों में भी इसके उत्पादन की योजना बना रहे हैं। हालांकि कुछ दिन में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। 


बता दें कि अदार पूनावाला ने कुछ दिन पहले जानकारी दी थी कि सीरम इंस्टीट्यूट जुलाई तक अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 100 मिलियन खुराकें कर देगा। अदार पूूनावाला आशा करते हैं कि अगले छह महीने में वो कोविशील्ड का सालाना उत्पादन 2.5 बिलियन डोज से बढ़ाकर तीन बिलियन डोज कर देंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed