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चिपको आंदोलन की 45वीं सालगिरह को गूगल ने डूडल बनाकर किया याद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Mar 2018 08:25 AM IST
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चिपको आंदोलन की आज 45वीं सालगिरह है, इस मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर सम्मान दिया है। इस आंदोलन की शुरुआत 1970 के दशक में हुई थी। इसकी खासियत यह थी कि बिना हिंसा और उपद्रव के यह आंदोलन किया गया था। शांति के साथ पेड़ों को न काटने का आंदोलन चलाया गया था।
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इस आंदोलन को जंगलों की कटाई के खिलाफ चलाया गया था, लोग पेड़ों को बचाने के लिए उनसे लिपट जाते थे, इसलिए इसका नाम चिपको आंदोलन पड़ा। 1974 में शुरू हुए इस आंदोलन की जनक गौरी देवी थीं जिन्हें चिपको वूमन के नाम से भी जाना जाता है।
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जोधपुर के महाराजा ने जब पेड़ों को काटने का आदेश दिया था तब बिश्नोई समाज की महिलाएं पेड़ से चिपक गई थीं और उन्होंने पेड़ों को काटने नहीं दिया था। इसलिए यह माना जाता है कि बिश्नोई समाज का इस आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान था।
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इस आंदोलन की शुरुआत अप्रैल 1973 में ऊपरी अलकनंदा घाटी के मंडल गांव में हुई थी। जोकि धीरे-धीरे पूरे उत्तर प्रदेश और हिमालय में फैल गया था।