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गूगल ने डॉ. वर्जीनिया ऐपगार के नाम पर बनाया डूडल, जानिए कैसे दिया था बच्चों को नया जीवन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:17 PM IST
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गूगल ने अमेरिका की एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट डॉक्टर 'वर्जीनिया ऐपगार' के 109वें जन्मदिन के मौके पर डूडल बनाया है। वर्जीनिया को 'ऐपगार स्कोर' बनाने के लिए याद किया जाता है, इससे नवजात बच्चों की सेहत से जुड़ी सारी जानकारी का पता लगाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण खोज थी।
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ऐपगार का जन्म 7 जून 1909 को हुआ था। उनका बचपन अमेरिका के न्यू जर्सी में बीता। उनके परिवार में कई लोगों को स्वास्थ संबंधी शिकायतें थीं इसलिए उन्होंने मेडिकल साइंस में अपना भविष्य चुना। 1949 में उन्होंने सर्जरी में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी।
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1949 में वह पहली महिला थीं जो कोलंबिया यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ फिजीशियंस एंड सर्जंस में प्रोफेसर बनीं। 1960 तक मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली कि 24 घंटे के अंदर किसी भी पैदा हुए बच्चे के स्वास्थ के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता था।
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1972 में बच्चों के स्वास्थ के ऊपर एक किताब सामने आई जिसका नाम 'इज माई बेबी आल राइट' था। डॉक्टर वर्जीनिया ने इस किताब को लिखने में अपना योगदान दिया था। 1974 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।