फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Google CEO Sunder Pichai shares experiences at IIT Kharagpur

गूगल के सीईओ को लगता था ‘अबे साले’ गाली नहीं अभिवादन का तरीका है

Thu, 05 Jan 2017 11:13 PM IST
एजेंसी/ खड़गपुर
एजेंसी/ खड़गपुर Updated Thu, 05 Jan 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
Google CEO Sunder Pichai shares experiences at IIT Kharagpur

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई इस समय भारत दौरे पर हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को आईआईटी खड़गपुर पहुंच कर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। पिचाई ने कैंपस में अपने पुराने दिन याद करते हुए बताया कि एक बार उन्होंने मेस में अपने एक दोस्त को ‘अबे साले’ कह कर बुलाया था। इससे वहां बैठे लोग बुरा मान गए थे और कुछ देर के लिए मेस बंद कर दी गई थी। 

विज्ञापन


वे सोचते थे कि यह एक अभिवादन का तरीका है। वे लोगों को ‘अबे साले’ कहकर बुलाते थे। उन्होंने बताया कि चेन्नई में स्कूलिंग के दौरान हिंदी सीखी थी, लेकिन बोल नहीं पाते थे। साथ ही उन्होंने बताया कि जब वे कैंपस में आए तो उन्हें नहीं पता था कि ‘अबे साले’ कोई गाली होती है। 
विज्ञापन


इस दौरान उन्हें सुनने के लिए वहां तकरीबन 3000 लोग मौजूद थे। उन्होंने छात्रों से बातें साझा करते हुए कहा कि मैं यहीं पर अपनी पत्नी अंजली से मिला था। तब किसी के पास यूं चले जाना और बात करना आसान नहीं होता था। मोबाइल फोन न होने की वजह से गर्ल्स हॉस्टल जाकर किसी को बोलना होता था और वो वहां तेज आवाज में बोलता था कि अंजलि, तुमसे मिलने सुंदर आया है। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों के अनुभवों को काफी सुखद बताया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

'रात में देर तक जगने के चलते सुबह क्लास बंक कर दिया'

Google CEO Sunder Pichai shares experiences at IIT Kharagpur
फाइल फोटो

पिचाई के मुताबिक तकनीकी ने वैश्विक स्तर पर काफी बदलाव किए हैं खासकर मोबाइल फोन ने। हालांकि आज भी कई ऐसी चीजें हैं जो नहीं बदली हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि जैसे कॉलेज का हॉस्टल 25 वर्ष पहले की तरह ही दिख रहा है। उन्होंने कहा कि रात में देर तक जगने के चलते सुबह क्लास बंक कर दिया करते थे। 

लेकिन मेहनत कर के उसकी भरपाई भी कर लेते थे। उन्होंने बताया कि 2004 में गूगल के लिए उनका इंटरव्यू हुआ था। जिसमें उनसे जीमेल के बारे में पूछा गया था और उन्हें लगा था कि उन्हें अप्रैल फूल बनाया जा रहा है। उन्होंने क्रिकेट में सचिन को अपना फेवरेट बताया जबकि इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ती को अपना प्रेरणा स्त्रोत बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed