दिल्ली, बिहार और मध्यप्रदेश में बारिश, अगले सप्ताह से और पकड़ेगी जोर
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती प्रवाह बनने की संभावना और मॉनसून में प्रगति होने के कारण अगले सप्ताह से मध्य और दक्षिण भारत में बारिश के जोर पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अगले सप्ताह बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने और ओडिशा की ओर इसके बढ़ने की संभावना है।
कम दबाव एक प्रकार का चक्रवाती प्रवाह होता है और किसी चक्रवात का पहला चरण होता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि कम दबाव का हर क्षेत्र तेज होकर चक्रवात बन जाए। महापात्रा ने कहा, इससे अगले सप्ताह मॉनसून के आगे बढ़ने और अच्छी बारिश होने की संभावना है।
वहीं, आज देश के कई हिस्सों में मानसून के पहले की बारिश हुई। बिहार में पटना के कुछ इलाकों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने शहर में गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
Bihar: Rain lashes parts of Patna today. India Meteorological Department (IMD) had predicted spells of rainfall or thundershower for the city today. (Data Source: IMD) pic.twitter.com/Q3SEPNTE8U
— ANI (@ANI) June 5, 2020
इसके अलावा मध्यप्रदेश के भोपाल में भी आज लगातार दूसरे दिन बारिश हुई।
#WATCH Madhya Pradesh: Rain lashes parts of Bhopal.
— ANI (@ANI) June 5, 2020
India Meteorological Department (IMD) has predicted rainfall or thunderstorm for the city today. pic.twitter.com/851RJGxYzN
राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई।
Delhi: Rain lashes parts of the national capital; visuals from Sarai Kale Khan. pic.twitter.com/NwV5iI60OX
— ANI (@ANI) June 5, 2020
मॉनसून ने एक जून को केरल में दस्तक दी
मॉनसून ने एक जून को केरल में दस्तक दी थी। आम तौर पर इसी दिन मॉनसून दस्तक देता है। मौसम विभाग ने पूर्व में अनुमान लगाया था कि मॉनसून में चार दिन की देरी होगी, लेकिन चक्रवात निसर्ग ने मॉनसून को तय समय पर केरल पहुंचने में मदद की।
मौसम विभाग ने कहा, ‘अरब सागर, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, बंगाल की खाड़ी के समस्त दक्षिणी-पूर्वी और पश्चिमी मध्य के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।’ मौसम विभाग के मुताबिक, एक जून से देश में सामान्य की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र में भी बारिश होगी।
पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती प्रवाह होता है जिसकी शुरुआत भू-मध्यसागर से होती है। यह मध्य एशिया को पार करता है और इसके हिमालय के संपर्क में आने के बाद पहाड़ों और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। मौसम विभाग ने कहा है कि पूर्वी उत्तरप्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश होने की संभावना है।