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Goa Nightclub Fire: पुलिस ने क्लब के CGM समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया; CM बोले- गैरकानूनी कृत्य पर शिकंजा..

Sun, 07 Dec 2025 04:27 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी। Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 07 Dec 2025 04:27 PM IST
सार

Goa Nightclub Fire: गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने दोषियों पर शिकंजा कसा है। मामले में चार की गिरफ्तारी के साथ-साथ क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं सीएम ने बताया कि क्लब के अंदर इलेक्ट्रिक पटाखों का इस्तेमाल किया गया, जिससे आग फैली। पढ़ें पूरा अपडेट...

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Goa Nightclub Fire FIR Saurabh Luthra Gaurav Arpora-Nagoa Panchayat Sarpanch Roshan detained hindi updates
गोवा के नाइट क्लब हादसे में बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गोवा के नाइट क्लब में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत हुई है। इस मामले में अरपोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बता दें कि नाइट क्लब एक अस्थायी निर्माण पर चल रहा था और इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर ताड़ की पत्तियों का इस्तेमाल हुआ था, जिसके चलते आग तेजी से भड़की। अधिकारियों के अनुसार, सभी 25 मृतकों की पहचान हो गई है, इसमें से 20 'बर्च बाय रोमियो लेन' के कर्मचारी हैं।
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चार स्टाफ गिरफ्तार, मालिकों की तलाश
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को बताया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने क्लब के चार कर्मचारियों, मुख्य जनरल मैनेजर राजीव मोडक, जीएम विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सीएम प्रमोद सावंत ने कहा, क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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बिना अनुमति के चल रहा था क्लब
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्लब कई नियमों का उल्लंघन करते हुए चल रहा था। उन्होंने कहा, 'जिन सरकारी अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर क्लब को चलने दिया, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने मुख्य सचिव डॉ. वी. कंदवेलू और डीजीपी आलोक कुमार को निर्देश दिया है कि जांच करके दोषियों की पहचान की जाए। वहीं इस मामले में गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने अरपोरा में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत पर कहा, 'गोवा मेडिकल कॉलेज में 25 शव लाए गए, जिनमें से सात का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। 12 की पहचान हो गई है, पांच लोगों का इलाज चल रहा है और उन्हें अच्छे से अच्छा इलाज दिया जा रहा है।
 
हादसे की कहानी प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद नाइट क्लब में मौजूद लोग घबराकर बाहर भागे और कुछ लोग जैसे ही कुछ लोग सीढ़ियां उतरकर नीचे गए, किचन ग्राउंड फ्लोर पर था और वे किचन में लगी आग के बाद उठे धुएं की चपेट में आकर वहीं फंस गए। ग्राउंड फ्लोर पर वेंटिलेशन भी नहीं था। यही वजह है कि सीढियों से कई शव बरामद किए गए। नाइट क्लब के एंट्री और एग्जिट गेट बेहद संकरे थे, जिससे लोग भाग नहीं सके और भीड़ में फंसकर हादसे का शिकार हो गए।

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समंदर में बना नाइट क्लब बना कब्रगाह
जानकारी के मुताबिक, नाइट क्लब पानी में स्थित था और एक पतले रास्ते से जमीन से जुड़ा था। जिसके चलते आग पर काबू पाने में मुश्किल हुई और नुकसान ज्यादा हुआ। वीकेंड की वजह से नाइट क्लब में भारी भीड़ थी और डांस फ्लोर पर ही 100 के करीब लोग डांस कर रहे थे। इस हादसे में मरने वालों में 14 नाइट क्लब के स्टाफ, चार पर्यटक शामिल हैं। बाकी लोगों की पहचान की जा रही है।

घटना की जांच के लिए समिति गठित 
राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें दक्षिण गोवा कलेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, डायरेक्टर, फॉरेंसिक लैब शामिल हैं। यह समिति एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी।

भविष्य के लिए सख्त कदम, मुआवजे का एलान
सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि, सभी क्लबों और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को सुरक्षा निर्देश जारी किए जाएंगे। बिना अनुमति चल रहे स्थानों की जांच की जाएगी। बड़े आयोजनों वाली जगहों का सुरक्षा ऑडिट होगा। वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायल लोगों को 50 हजार रुपये देने का एलान किया है। इसके अलावा, मृतकों के शवों को उनके गृह राज्यों तक भेजने की व्यवस्था सरकार करेगी।

ऐसी घटना गोवा में पहले कभी नहीं हुई- माइकल लोबो
इस मामले में भाजपा विधायक माइकल लोबो कहते हैं, 'गोवा के लोग सदमे में हैं। ऐसी घटना गोवा में पहले कभी नहीं हुई। पच्चीस लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस जांच कर रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी... पंचायत ने 'क्लब' का लाइसेंस दिया है, लेकिन कैलुंगेट में किसी को भी 'क्लब' का लाइसेंस नहीं दिया गया है। 'रेस्टोरेंट' का लाइसेंस दिया गया है। मैं पहली बार देख रहा हूं कि किसी को क्लब-कम-रेस्टोरेंट का लाइसेंस मिला है... पुलिस सही दिशा में काम कर रही है और जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज किया जाएगा क्योंकि 25 लोगों की जान जा चुकी है।'

 
कैसे हुआ हादसा?
आग लगने की जानकारी रात 11:45 बजे मिली थी, अग्निशमन और पुलिस की टीमें तुरंत पहुंचीं। शुरुआती जांच में सिर्फ दो शव मिले, लेकिन बाद में रसोईघर में 23 और शव मिले, जिनकी मौत धुएं से दम घुटने के कारण हुई थी।

हादसे में कौन-कौन मारे गए?
कुल 25 लोग इस आग में अपनी जान गंवा बैठे। इनमें 20 कर्मचारी, पांच पर्यटक शामिल हैं। पांच जो पर्यटक मारे गए, उनमें चार दिल्ली से एक कर्नाटक का रहने वाला था। दिल्ली के जिन चार लोगों की मौत हुई, उनमें तीन एक ही परिवार के थे, सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार। इनकी पहचान उनके रिश्तेदार भावना जोशी ने की। कर्नाटक से आए पर्यटक इशाक की पहचान उनके पिता एम. डी. हुसैन ने की।

हादसे में नाइटक्लब के कर्मियों की मौत
20 लोग, जो क्लब में काम करते थे, उनकी पहचान भी हो गई है। वे अलग-अलग राज्यों से थे, जो रोजगार के लिए गोवा आए थे। इसमें उत्तराखंड से पांच, झारखंड-असम से तीन-तीन, महाराष्ट्र और यूपी से दो-दो, पश्चिम बंगाल के एक कर्मी था। वहीं पड़ोसी देश नेपाल से चार कर्मी भी हादसे के शिकार बने हैं। उत्तराखंड के जितेंद्र सिंह, सतीश सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह हैं। वहीं नेपाल के चार कर्मचारियों में चुर्ना बहादुर पुन, विवेक कटवाल, सबिन और सुदीप शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, इन 20 कर्मचारियों में कई युवा थे, कुछ पहली नौकरी पर थे। किसी का परिवार पहाड़ों में इंतजार कर रहा था, किसी की शादी तय थी, कोई घर पैसा भेजकर बच्चों की स्कूल फीस भरता था। 


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