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गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: विदेश भागे लूथरा भाइयों के खिलाफ ब्लू नोटिस से क्या होगा, भारत लाने की क्या तैयारी?
Tue, 09 Dec 2025 06:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 09 Dec 2025 06:43 PM IST
सार
गोवा के एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात भड़की आग ने 25 लोगों की जान ले ली। इस घटना के करीब पांच घंटे के बाद ही क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा देश छोड़कर भाग निकले। अब गोवा पुलिस ने सीबीआई के जरिए इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है।
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गोवा नाइट क्लब अग्निकांड।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोवा के एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात लगी आग में 25 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद से ही पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए क्लब के स्टाफ के साथ इसके मालिकों की तलाश शुरू कर दी। हालांकि, अगले ही दिन खबर आई कि क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा नाइट क्लब- रोमियो लेन में आग की घटना के कुछ ही घंटों के अंदर भारत छोड़कर थाईलैंड फरार हो गए। इस खबर के सामने आने के बाद से चर्चा है कि भारत में एक और घटना के आरोपी पहले के कुछ भगोड़ों का उदाहरण लेते हुए देश छोड़कर भागने और न्याय की पहुंच से दूर रहने में सफल हुए हैं।
इस बीच गोवा पुलिस ने फरार लूथरा भाइयों को लाने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड भागे दोनों भाइयों को लाने के लिए पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- इंटरपोल से मदद मांगी है। पुलिस इन दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाना चाहती है, जिससे इन्हें भारत लाने में आसानी हो।
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इस बीच गोवा पुलिस ने फरार लूथरा भाइयों को लाने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड भागे दोनों भाइयों को लाने के लिए पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- इंटरपोल से मदद मांगी है। पुलिस इन दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाना चाहती है, जिससे इन्हें भारत लाने में आसानी हो।
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गोवा के नाइट क्लब में 6 दिसंबर की रात को क्या हुआ था? पुलिस ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है? इस क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा कौन हैं? इस घटना के बाद वे भारत से भागने में सफल कैसे हो गए? भारत अब इन्हें वापस न्याय की दहलीज तक लाने के लिए क्या कदम उठा सकता है? इसके अलावा यह कदम कितना कारगर साबित हो सकता है? आइये जानते हैं...
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पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
Goa Fire Tragedy: नाइट क्लब में वर्षों से अवैध निर्माण की हो रही थी शिकायत, जमीन के मालिक का खुलासा
- घटना में 25 की जान गई। इनमें सबसे आखिरी में निकलने वाले क्लब के 20 स्टाफ सदस्य और पांच पर्यटक थे।
- पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि आग की वजह सिलेंडर ब्लास्ट हो सकता है। यह आग देर रात करीब 11.45 बजे लगी।
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और आगे जांच से सामने आया कि आग की वजह इलेक्ट्रिक पटाखे हो सकते हैं।
Goa Fire Tragedy: नाइट क्लब में वर्षों से अवैध निर्माण की हो रही थी शिकायत, जमीन के मालिक का खुलासा
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
गोवा पुलिस ने इस घटना के बाद क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंहानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाइट क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के अलावा आयोजकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके अलावा दिल्ली से नाइट क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली की भी गिरफ्तारी हुई है।
मामले में गोवा सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें एक पंचायत निदेशक शामिल रहे, जिन्होंने 2023 में नाइट क्लब को शुरू कराने में भूमिका निभाई थी। सरकार ने दक्षिण गोवा के कलेक्टर, दमकल-आपात सेवाओं के उपनिदेशक और फॉरेंसिक लैब के निदेश को शामिल कर एक जांच पैनल का गठन कर दिया। यह पैनल एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
Goa Fire: सौरभ-गौरव लूथरा के नाइट क्लब पर चलेगा बुलडोजर, इंटरपोल ने जारी किया ब्लू कॉर्नर नोटिस
गोवा पुलिस ने इस घटना के बाद क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंहानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाइट क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के अलावा आयोजकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके अलावा दिल्ली से नाइट क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली की भी गिरफ्तारी हुई है।
मामले में गोवा सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें एक पंचायत निदेशक शामिल रहे, जिन्होंने 2023 में नाइट क्लब को शुरू कराने में भूमिका निभाई थी। सरकार ने दक्षिण गोवा के कलेक्टर, दमकल-आपात सेवाओं के उपनिदेशक और फॉरेंसिक लैब के निदेश को शामिल कर एक जांच पैनल का गठन कर दिया। यह पैनल एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
Goa Fire: सौरभ-गौरव लूथरा के नाइट क्लब पर चलेगा बुलडोजर, इंटरपोल ने जारी किया ब्लू कॉर्नर नोटिस
नाइट क्लब के मालिक कौन हैं?
इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किा गया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।
सौरभ का जन्म दिल्ली में हुआ है, उनके पास कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री है। सौरभ ने बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद व्यापार का रास्ता चुना। उन्होंने सबसे पहले पूर्वोत्तर दिल्ली में एक कैफे-लाउंज- मामाज बॉय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हडसन लेन में ड्रामेबाज नाम का एक बार भी चलाया। हालांकि, यह रोमियो लेन ही था, जिसने लूथरा भाइयों को पहचान दिलाई। सौरभ और गौरव ने मिलकर अपने रेस्तरां-बार को 30 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाया है। इनमें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गोवा, भोपाल, इंदौर, देहरादून, लखनऊ शामिल हैं। दुबई में भी इनका एक रेस्ट्रोबार है।
इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किा गया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।
सौरभ का जन्म दिल्ली में हुआ है, उनके पास कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री है। सौरभ ने बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद व्यापार का रास्ता चुना। उन्होंने सबसे पहले पूर्वोत्तर दिल्ली में एक कैफे-लाउंज- मामाज बॉय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हडसन लेन में ड्रामेबाज नाम का एक बार भी चलाया। हालांकि, यह रोमियो लेन ही था, जिसने लूथरा भाइयों को पहचान दिलाई। सौरभ और गौरव ने मिलकर अपने रेस्तरां-बार को 30 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाया है। इनमें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गोवा, भोपाल, इंदौर, देहरादून, लखनऊ शामिल हैं। दुबई में भी इनका एक रेस्ट्रोबार है।
दोनों भाई गोवा में रोमियो लेन के अलावा और भी रेस्तरां चलाते हैं। बर्च बाय रोमियो लेन को दोनों ने भारत का पहला द्वीपीय बार कहकर प्रचारित किया था। इनका घर उत्तर दिल्ली के आउट्रम लेन में है, जो कि जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के करीब है।
लूथरा बंधुओं को वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे?
गोवा पुलिस ने लूथरा भाइयों को वापस लाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- इंटरपोल के जरिए सौरभ और गौरव के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
क्या होता है इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस, क्या इससे वापस लाए जा सकते हैं लूथरा बंधु?
इंटरपोल, जिसे अंतरराष्ट्रीय पुलिस के तौर पर जाना जाता है, एक संधि के तहत अस्तित्व में आया पुलिस बल है, जो कि किसी एक देश में अपराध कर भागने वाले व्यक्ति को दूसरे देश से पकड़ने में सहायता करती है। इसका पूरा नाम अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस संगठन है। मौजूदा समय में 196 देश संधि के तहत इंटरपोल के दायरे में हैं और अंतरदेशीय अपराधियों को पकड़ने वाली अहम संस्था है।
गोवा पुलिस ने लूथरा भाइयों को वापस लाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- इंटरपोल के जरिए सौरभ और गौरव के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
क्या होता है इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस, क्या इससे वापस लाए जा सकते हैं लूथरा बंधु?
इंटरपोल, जिसे अंतरराष्ट्रीय पुलिस के तौर पर जाना जाता है, एक संधि के तहत अस्तित्व में आया पुलिस बल है, जो कि किसी एक देश में अपराध कर भागने वाले व्यक्ति को दूसरे देश से पकड़ने में सहायता करती है। इसका पूरा नाम अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस संगठन है। मौजूदा समय में 196 देश संधि के तहत इंटरपोल के दायरे में हैं और अंतरदेशीय अपराधियों को पकड़ने वाली अहम संस्था है।
यह संस्था वैश्विक स्तर पर अपराधों और वांछित अपराधियों की जानकारी साझा करती है और भगोड़ों को पकड़ने के लिए तकनीकी, अभियानगत और जांच से जुड़ी मदद मुहैया कराती है। इसके अलावा यह एजेंसी वांछित अपराधियों का जरूरी डाटा भी प्रबंधित करती है, जिससे इसके सदस्य देश वांछितों को पकड़ सकें। इंटरपोल का हर सदस्य देश में एक राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो भी है, जो कि उस देश की कानूनी एजेंसियों और इंटरपोल के बीच संपर्क के तौर पर काम करता है। भारत में सीबीआई को इंटरपोल की संपर्क एजेंसी के तौर पर स्थापित किया गया है। इसलिए किसी भी वांछित व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नोटिस के लिए पुलिस और सरकार को इस एजेंसी के जरिए ही इंटरपोल तक जाना पड़ता है।
पहले किस-किस के खिलाफ भारत ने जारी कराया है ब्लू कॉर्नर नोटिस?
- भारत की तरफ से इससे पहले 2020 में भगोड़े स्वयंभू संत नित्यानंद के खिलाफ इंटरपोल को ब्लू नोटिस जारी करने का आवेदन भेजा गया था। इसके जरिए सरकार ने दुष्कर्म के आरोपी नित्यानंद की लोकेशन की जानकारी जुटाई थी।
- मई 2024 में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को लेकर कर्नाटक सरकार ने सीबीआई से संपर्क कर ब्लू नोटिस जारी करवाया था। इससे पता चला था कि प्रज्वल कहां है और आगे उसकी यात्रा से जुड़ी जानकारियां क्या रहीं।