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गोवा: विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे पांच दंपती, सभी निर्वाचित हुए तो तो विधानसभा की कुल क्षमता के होंगे 25 फीसदी
Thu, 27 Jan 2022 10:59 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 27 Jan 2022 10:59 PM IST
सार
भाजपा ने दो तो कांग्रेस व टीएमसी ने एक-एक जोड़े को दिया टिकट, उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत भाजपा से तो पत्नी सावित्री निर्दलीय मैदान में।
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कांग्रेस और टीएमसी ने एक-एक जोड़े को चुनाव में मौका दिया है।
- फोटो : ANI
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विस्तार
अगले माह होने वाला गोवा विधानसभा का चुनाव लड़ रही सभी पार्टियां बहुरंगी तस्वीर बना रही हैं, लेकिन दिलचस्प यह है कि विभिन्न पार्टियों से पांच दंपती भी मैदान में हैं। ये सभी निर्वाचित हुए तो इनकी संख्या विधानसभा की कुल क्षमता 40 की एक चौथाई होगी। राज्य की सत्ताधारी भाजपा ने दो दंपतियों को मैदान में उतारा है। पार्टी से टिकट पाने वाले एक प्रत्याशी की पत्नी निर्दलीय मैदान में हैं। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी एक-एक दंपती को टिकट दिया है।
भाजपा नेता स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे वालपोई विधानसभा सीट से उतरे हैं तो उनकी पत्नी दिव्या राणे ने पोरीइम से भाजपा से नामांकन दाखिल किया है। फिलहाल पोरीइम सीट से उनके ससुर प्रताप सिंह राणे कांग्रेस के विधायक हैं। कांग्रेस ने इस बार भी उन्हें ही मैदान में उतारा है। ससुर और बहू के बीच दिलचस्प मुकाबला है। दिव्या का यह पहला चुनाव है।
भाजपा ने पणजी से अथानासियस मोनसराटे को टिकट दिया है, जबकि उनकी पत्नी जेनिफर तालेइगांव सीट से प्रत्याशी हैं। जेनिफर इस सीट से 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी थीं। उनके पति अथानासियस मोनसराटे ने 2019 में मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के निधन के कारण हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पणजी से जीत हासिल की थी। दंपती ने आठ अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ 2019 में भाजपा की सदस्यता ली थी।
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दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर और उनकी पत्नी सावित्री कावलेकर भी जंग में हैं। चंद्रकांत परंपरागत सीट क्यूपेम से चुनाव लड़ रहे हैं तो सावित्री ने पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर सांगुएम से निर्दलीय लड़ने का एलान किया है। दंपती ने 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। चंद्रकांत चुनाव जीते थे, जबकि सावित्री को हार का सामना करना पड़ा था। चंद्रकांत 2019 में भाजपा में आए थे।
उधर, कांग्रेस ने मिशेल लोबो को कलांगुटे और उनकी पत्नी डेलीलाह को सिइलिम से प्रत्याशी घोषित किया है। डेलीलाह को टिकट से इनकार के बाद राज्य के पूर्व मंत्री मिशेल लोबो हाल ही में भाजपा छोड़कर पत्नी के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। डेलीलाह अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने किरन कांडोलकर को अल्डोना से मैदान में उतारा है। उनकी पत्नी कविता थिविम क्षेत्र से टीएमसी प्रत्याशी हैं। किरन कांडोलकर गोवा फारवर्ड पार्टी छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए हैं। गोवा में वोट 14 फरवरी को डाले जाएंगे, जबकि गिनती 10 मार्च को होगी।
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भाजपा नेता स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे वालपोई विधानसभा सीट से उतरे हैं तो उनकी पत्नी दिव्या राणे ने पोरीइम से भाजपा से नामांकन दाखिल किया है। फिलहाल पोरीइम सीट से उनके ससुर प्रताप सिंह राणे कांग्रेस के विधायक हैं। कांग्रेस ने इस बार भी उन्हें ही मैदान में उतारा है। ससुर और बहू के बीच दिलचस्प मुकाबला है। दिव्या का यह पहला चुनाव है।
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भाजपा ने पणजी से अथानासियस मोनसराटे को टिकट दिया है, जबकि उनकी पत्नी जेनिफर तालेइगांव सीट से प्रत्याशी हैं। जेनिफर इस सीट से 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी थीं। उनके पति अथानासियस मोनसराटे ने 2019 में मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के निधन के कारण हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पणजी से जीत हासिल की थी। दंपती ने आठ अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ 2019 में भाजपा की सदस्यता ली थी।
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दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर और उनकी पत्नी सावित्री कावलेकर भी जंग में हैं। चंद्रकांत परंपरागत सीट क्यूपेम से चुनाव लड़ रहे हैं तो सावित्री ने पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर सांगुएम से निर्दलीय लड़ने का एलान किया है। दंपती ने 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। चंद्रकांत चुनाव जीते थे, जबकि सावित्री को हार का सामना करना पड़ा था। चंद्रकांत 2019 में भाजपा में आए थे।
उधर, कांग्रेस ने मिशेल लोबो को कलांगुटे और उनकी पत्नी डेलीलाह को सिइलिम से प्रत्याशी घोषित किया है। डेलीलाह को टिकट से इनकार के बाद राज्य के पूर्व मंत्री मिशेल लोबो हाल ही में भाजपा छोड़कर पत्नी के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। डेलीलाह अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने किरन कांडोलकर को अल्डोना से मैदान में उतारा है। उनकी पत्नी कविता थिविम क्षेत्र से टीएमसी प्रत्याशी हैं। किरन कांडोलकर गोवा फारवर्ड पार्टी छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए हैं। गोवा में वोट 14 फरवरी को डाले जाएंगे, जबकि गिनती 10 मार्च को होगी।