फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Global Politics India decisive role constantly increasing in South Asia emerging as a balancing power

अंतरराष्ट्रीय सियासत: दक्षिण एशिया में लगातार बढ़ रही भारत की निर्णायक भूमिका, बैलेंसिंग पावर बन उभर रहा देश

Wed, 02 Jul 2025 06:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/ बीजिंग
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/ बीजिंग Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 02 Jul 2025 06:53 AM IST
सार

वैश्विक स्तर पर माना जा रहा है कि भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समुदाय के लिए एक निर्णायक संकेत है कि आतंकवाद पर कतई समझौता नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों व कूटनीतिज्ञों ने भारत के इस कदम को नए भारत की विदेश नीति में उभरती कड़ाई व प्राथमिकता निर्धारण के रूप में देखा है।

विज्ञापन
Global Politics India decisive role constantly increasing in South Asia emerging as a balancing power
एससीओ की बैठक (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

दक्षिण एशिया अब वैश्विक शक्ति-संतुलन की धुरी बनता जा रहा है और इसमें भारत की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। हाल ही में चीन के किंगदाओ में संपन्न शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का साझा घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका क्योंकि भारत ने उस पर हस्ताक्षर करने से इसलिए मना कर दिया कि उसमें पहलगाम हमले का जिक्र नहीं था।

विज्ञापन


वैश्विक स्तर पर माना जा रहा है कि भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समुदाय के लिए एक निर्णायक संकेत है कि आतंकवाद पर कतई समझौता नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों व कूटनीतिज्ञों ने भारत के इस कदम को नए भारत की विदेश नीति में उभरती कड़ाई व प्राथमिकता निर्धारण के रूप में देखा है। वाशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ विश्लेषक जेम्स क्लार्क ने कहा कि भारत अब बहुपक्षीय मंचों पर सिर्फ मौजूदगी जताने नहीं आता, बल्कि वह अपनी संप्रभु सुरक्षा चिंताओं को मजबूती से उठाने की नीति पर चल रहा है।
विज्ञापन


क्षेत्रीय स्थिरता का केंद्रीय आधार है भारत
वाशिंगटन स्थित कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ विश्लेषक एश्ले जे. टेलिस के अनुसार भारत द. एशिया का अकेला ऐसा देश है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ स्थायित्व, विश्वास और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती से संभाल रहा है। अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के बाद जो रणनीतिक खालीपन पैदा हुआ, उसे भरने में भारत की भूमिका बेहद अहम रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: India-US Trade Deal: ट्रंप भारत के साथ व्यापार समझौते पर बोले- बहुत कम टैरिफ पर समझौता कर लेंगे; यह अलग डील..

चीन के विरुद्ध भारत बना रणनीतिक धुरी
ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक विश्लेषक रॉरी मेडकैफ बोले, भारत न सिर्फ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी प्रभाव संतुलित कर रहा है, बल्कि क्वॉड और हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे में भी अपनी भूमिका निर्णायक बना चुका है।

आर्थिक-सैन्य आत्मनिर्भरता की ओर भारत
लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (आईआईएसएस ) की रिपोर्ट कहती है कि भारत अब उपभोक्ता अर्थव्यवस्था न रहकर रक्षा तकनीक, अंतरिक्ष, एआई और साइबर रक्षा में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वह आर्थिक व सैन्य आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है।


भारत की कूटनीति के सामने झुका कनाडा
कनाडा की 2024-25 की राष्ट्रीय सुरक्षा रिपोर्ट में पहली बार यह जिक्र हुआ कि वहां लंबे समय से खालिस्तान समर्थक सक्रिय हैं। यह रिपोर्ट भारत की दीर्घकालिक आपत्तियों की पुष्टि करती है। यानी कनाडा भी भारत की कूटनीति के सामने झुक गया है।

ये भी पढ़ें: India-Mauritus Ties: विदेश सचिव मिस्री ने मॉरीशस के पीएम से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर सहमति

भारत अब दर्शक नहीं, दिशा-निर्धारक है
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की स्थिति अब उस पड़ोसी राष्ट्र की नहीं रही जो क्षेत्रीय घटनाओं का केवल पर्यवेक्षक था। वह अब रणनीतिक निर्णयों में भागीदार है। भारत अब सिर्फ दर्शक की भूमिका में नहीं, दिशा-निर्धारक बन चुका है।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed