Kerala High Court: ग्लोबल अयप्पा संगमम को केरल हाईकोर्ट से हरी झंडी, 20 सितंबर को पम्पा में होगा आयोजन
केरल हाईकोर्ट ने ग्लोबल अयप्पा संगमम के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज करते हुए टीडीबी को 20 सितंबर को पम्पा में आयोजन की अनुमति दे दी। कोर्ट ने निर्देश दिए कि आयोजन सबरीमाला परंपराओं में बाधा न डाले, पवित्रता बनी रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही में रुकावट न हो।
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केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को ‘ग्लोबल अयप्पा संगमम’ कार्यक्रम के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट के इस फैसले के बाद त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) को 20 सितंबर को पम्पा में इस आयोजन की अनुमति मिल गई है। मामले में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वी राजा विजयराघवन और न्यायमूर्ति केवी जयकुमार की पीठ ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान पम्पा की पवित्रता और साफ-सफाई बनाए रखी जाए।
कोर्ट ने कहा कि आयोजन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि सबरीमाला परंपराओं से जुड़े किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में कोई बाधा न आए। इस दौरान कोर्ट ने ये भी कहा कि आयोजन में कई प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते आम श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
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45 दिनों के अंदर ऑडिट की रिपोर्ट जमा करने का आदेश
इस दौरान कोर्ट ने टीडीबी को निर्देश दिया कि आयोजन से संबंधित सभी खर्चों और प्रायोजकों से प्राप्त धन का पारदर्शी हिसाब रखा जाए। साथ ही 45 दिनों के भीतर ऑडिट की गई रिपोर्ट कोर्ट में जमा की जाए। न्यायालय ने आगे पम्पा नदी की पवित्रता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि आयोजन के दौरान प्लास्टिक बोतलें, कप और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं सख्ती से प्रतिबंधित हों। साथ ही, भीड़ प्रबंधन और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने किया फैसला का स्वागत
वहीं देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आयोजन में किसी भी तरह से सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होगा और सभी आय-व्यय सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सबरीमला को एक वैश्विक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है। बता दें कि इससे पहले टीडीबी और राज्य सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि श्रद्धालुओं के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और आयोजन पूरी तरह सबरीमला की परंपराओं के अनुसार किया जाएगा।