एसएससी जीडी के आवेदकों को दूसरा मौका दें या पदों की संख्या बढ़ाएं, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने दी आयु सीमा में छूट
प्रदेश सरकार अब ऐसे ही सभी आवेदकों को आयु सीमा में छह महीने की छूट देने जा रही है। ऐसे में उन्हें एक चांस और मिल जाएगा। राज्य में सरकारी नौकरी की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष है...
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एसएससी जीडी 2018 के हजारों आवेदक, जिनकी भर्ती प्रक्रिया तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है इससे ज्यादातर आवेदकों के पास दूसरा मौका नहीं बचा है। इस परीक्षा में बैठे ज्यादातर आवेदकों की उम्र निकल गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने के लिए इन्हें केवल एक ही मौका मिल सका। दूसरी तरफ उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग 'यूपीएससी' व उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने उन नौकरियों में आवेदकों को आयु सीमा में छूट दी है, जो कोरोना के चलते देरी से विज्ञापन जारी होने या परीक्षा टलने के कारण उम्र निकल गई थी यानी कि 'ओवरएज' हो गए थे।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और एसएससी से आवेदकों के हक में इसी तरह का फैसला लेने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि कोरोना के चलते अनेक राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को टालना पड़ा है। बहुत से अभ्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें उम्र निकल जाने की वजह से अब दूसरा मौका नहीं मिल सकता। ऐसे में उनके करियर के साथ खिलवाड़ होगा।
बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन में सरकारी नौकरियों के लिए तय आयु सीमा पार कर गए हजारों अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार एक मौका देने जा रही है। वे सभी उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए दोबारा से आवेदन कर सकेंगे, जो प्रवेश परीक्षा टलने या नौकरी का विज्ञापन कोरोना के कारण तय समय पर जारी नहीं होने के कारण ओवरएज हो गए थे।
प्रदेश सरकार अब ऐसे ही सभी आवेदकों को आयु सीमा में छह महीने की छूट देने जा रही है। ऐसे में उन्हें एक चांस और मिल जाएगा। राज्य में सरकारी नौकरी की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष है। कोरोना की वजह से परीक्षाएं नहीं हो सकी, इस कारण बहुत से आवेदक 42 साल का आंकड़ा पार कर गए। हालांकि इसमें आवेदकों का कोई कसूर नहीं था।
लॉकडाउन और कोविड संक्रमण के कारण उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से खाली पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी नहीं की जा सकी। प्रवेश परीक्षाएं भी स्थगित करनी पड़ी। हजारों की संख्या में ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनके पास सरकारी नौकरी के लिए आवेदन का यह आखिरी अवसर था। उत्तराखंड सरकार ने अब ऐसे आवेदकों को राहत प्रदान की है, जो सरकारी नौकरी की निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह कहते हैं कि परीक्षाओं का नतीजा समय पर न आने के कारण कई नौकरियों में आवेदकों का दूसरा चांस खत्म हो जाता है। ऐसे में एसएससी को आयु बढ़ाकर दूसरा चांस देना चाहिए। साल 2018 में आयोजित हुई एसएससी जीडी की परीक्षा में पास हुए करीब 85 हजार आवेदकों का मेडिकल भी हो चुका है, लेकिन नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं मिल सका।
इस भर्ती के जरिए करीब 60 हजार पदों को भरा जाना है, 85 हजार आवेदक मेडिकल में पास हो गए हैं। इनकी मांग है कि केंद्र सरकार 25 हजार पद बढ़ा दे, क्योंकि अर्धसैनिक बलों में एक लाख से अधिक खाली पद हैं। इससे सभी मेडिकल पास आवेदकों को नौकरी मिल जाएगी। अनेक ऐसे आवेदक हैं, जो कई वर्षों से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे। जब तीन साल में एक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है तो आवेदकों की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ऐसे में सरकार से मांग है कि वह सभी 85 हजार मेडिकल पास आवेदकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करे। भर्ती प्रक्रिया में देरी की वजह से जिन आवेदकों की आयु निकल गई है, उन्हें दूसरा चांस दिया जाए। सरकार को कई बार ज्ञापन दिया गया है, लेकिन अभी तक मेडिकल फिट युवाओं की नियुक्ति का आश्वासन नहीं मिला है। वेटिंग लिस्ट जारी करने की भी कोई बात नहीं हो रही है।