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Ghatkopar Billboard: ‘भाई को करीब 100 फोन किए, पर…’, मृतक के परिवार का दर्द; GRP-BMC की लड़ाई में गई जानें

Tue, 14 May 2024 08:52 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 14 May 2024 08:52 PM IST
सार

मामले में बीएमसी ने कहा कि अनुमति के बिना लगाए गए सभी होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी और जीआरपी के बीच विवाद था। इसलिए पेट्रोल पंप वाले बिलबोर्ड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

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Ghatkopar Billboard Case pain of deceased family Called him many times BMC
घटनास्थल पर पुलिस और रेस्क्यू दल। - फोटो : PTI

विस्तार

मुंबई के घाटकोपर में आई आंधी ने कई परिवारों को अंदर से तोड़ दिया है। दरअसल, एक दिन पहले आई आंधी के कारण घाटकोपर में एक बिलबोर्ड गिर गया था। कई लोग बिलबोर्ड की चपेट में आ गए। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 75 लोग घायल हो गए। एक मृतक को तो कुछ माह पहले ही उसी पेट्रोल पंप पर नौकरी मिली थी, जहां कल उसकी मौत हुई। पढ़ें कुछ परिवारों का दर्द

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ऐसे ही एक मृतका का नाम है- मोहम्मद अकरम। उनके चले जाने से उनकी पत्नी और एक बिटिया के सिर से साया उठ गया है। घटना के बारे में अकरम के चचेरे भाई माजिद शेख ने बताया कि वह आजीविका के लिए ऑटो चलाता था। कल वह सवारियों को छोड़कर घाटकोपर में सीएनजी भरवाने गया था। इस दौरान उसे उसका दोस्त मिल गया, दोनों ने थोड़ी बात की। जैसे ही दोस्त बाहर निकला, वैसे ही बिलबोर्ड गिर गया। दोस्त ने तुरंत अकरम की पत्नी को फोन कर फंसने की जानकारी दी। पत्नी ने घबराकर अपने चचेरे भाई शेख को फोन कर जानकारी दी। चचेरे भाई ने अकरम को जानकारी मिलते ही करीब 100 बार फोन किया, पर कोई जवाब नहीं आया।

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भाई ने आगे बताया कि हम लोग तुरंत घाटकोपर आए। वहां पुलिस और अधिकारी पीड़ितों को निकाल रहे थे। हमें पता चला कि कुछ लोगों को अस्पताल ले जाया गया है, हम अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि अकरम की मौत हो गई है। अगले दिन शव लेने आने के लिए हमें कहा गया। हम आज शव घर लेकर आए। 

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घटना में एक और परिवार का साया उठा
वहीं, एक अन्य टैक्सी चालक सतीश सिंह भी इसी घटना में मारे गए। उनके परिजन ने बताया कि सिंह ने नालासोपारा से यात्रियों को बिठाया था और उन्हें कुर्ला छोड़ा था। इसके बाद सिंह भी सीएनजी भरवाने घाटकोपर पहुंचे। देर रात तक वह घर नहीं आए तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने फोन किया पर कॉल नहीं उठा। राज 1.30 बजे वे घाटकोपर पहुंचे तो वहां पुलिस टैक्सी ने सिंह का शव बाहर निकाल रहे थे। राजवाड़ी अस्पताल में सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। परिवार में तीन बच्चे और पत्नी थीं। 


3 माह के बेटे के पिता की भी मौत
बिलबोर्ड गिरने के वजह से सचिन यादव की भी मौत हो गई है। सचिन मात्र 23 साल का है। कुछ माह पहले ही उसे पेट्रोल पंप पर अटेंडेंट की नौकरी मिली थी। चचेरे भाई सुनील यादव ने बताया कि सचिन का एक बच्चा है, जो तीन माह का है। हम शव को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जा रहे हैं। 

बिलबोर्ड के मालिक पर 23 केस पहले से दर्ज
पुलिस ने बताया कि बिलबोर्ड लगाने वाली एजेंसी के मालिक भावेश भिंडे के खिलाफ 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही उसे दुष्कर्म के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था। जनवरी में उसे मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे जमानत मिल गई थी। पंतनगर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ धारा 304 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज है। भिंडे ने 2009 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने दावा किया कि 2017-18 में भारतीय रेलवे के वाणिज्यिक विभाग ने उसे काली सूची में डाल दिया था।

बीएमसी ने कहा- अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई होगी
मामले में बीएमसी ने कहा कि अनुमति के बिना लगाए गए सभी होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी और जीआरपी के बीच विवाद था। इसलिए पेट्रोल पंप वाले बिलबोर्ड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। नगर निगम आयुक्त भूषण गगरानी ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर कहा कि घाटकोपर में जीआरपी की जमीन पर शेष तीन होर्डिंग्स को हटाने के साथ अभियान शुरू होगा। घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। हमने सभी नगर निगम अधिकारियों और सहायक आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे अपने संबंधित वार्डों में हमारी अनुमति के बिना लगाए गए होर्डिंग्स को तुरंत हटाएं। अगले कुछ दिनों में यह कार्रवाई पूरी हो जाएगी। 

पुणे शहर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई की गई: पुणे नगर निगम
बिलबोर्ड गिरने के मामले में पुणे नगर निगम ने कहा कि पुणे शहर में 1,500 से अधिक अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। निगम आयुक्त राजेंद्र भोसले ने बताया कि शहर में 1,564 अवैध अस्थायी होर्डिंग और पोस्टर थे। हमने उनके खिलाफ कार्रवाई की। पीएमसी सीमा में 2,598 कानूनी होर्डिंग्स में से 2,300 का ऑडिट पूरा हो चुका है। उनमें से कोई भी संरचनात्मक रूप से अस्थिर नहीं है। 

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