South China Sea: जर्मन राजदूत ने दक्षिण चीन सागर मुद्दे पर दिया बयान, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना को नजरअंदाज नहीं कर सकते
शुक्रवार को जर्मनी नौसेना के युद्धपोत बायर्न के मुंबई के बंदरगाह पर पहुंचने पर लिंडरन ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के पहले से ही रिश्ते को प्रगाढ़ करने की अभिव्यक्ति है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती गतिविधि के बीच जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर ने कहा, जो देश अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं कर रहे, ऐसे व्यवहार पर आंखें बंद नहीं कर सकते। यह अवहेलना नजरअंदाज करने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी नीति किसी भी राष्ट्र के खिलाफ नहीं है। हम समावेशी की बात करते हैं और नियम आधारित सम्मान के पक्ष में हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही भारत और अन्य देशों के साथ हमारे संबंध हैं। शुक्रवार को जर्मनी नौसेना के युद्धपोत बायर्न के मुंबई के बंदरगाह पर पहुंचने पर लिंडरन ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के पहले से ही रिश्ते को प्रगाढ़ करने की अभिव्यक्ति है। आने वाले समय में भारत-जर्मनी अपने सैन्य सहयोग को और तेज करेंगे।
यूक्रेन-रुस पर दृष्टिकोण स्पष्ट
जर्मनी के राजदूत ने कहा कि यूक्रेन-रुस मसले पर हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। सभी के लिए एक रेड लाइन है। यदि अधिक आक्रामक होकर लाइन को पार किया गया तो परिणाम भी विकट होंगे।