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संयुक्त हवाई रक्षा की दिशा में पहल: सीडीएस ने जारी किए सैन्य सिद्धांत; बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता होगी मजबूत
Fri, 29 May 2026 09:56 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 29 May 2026 09:56 PM IST
सार
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त हवाई रक्षा सिद्धांत जारी किया है। इसका लक्ष्य थल, नभ और जल सेना के बीच तालमेल बढ़ाना है। यह कदम बदलते युद्ध क्षेत्र में भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त हवाई रक्षा (जॉइंट एयर डिफेंस) पर एक महत्वपूर्ण सैन्य सिद्धांत जारी किया है। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। यह नया सिद्धांत भारतीय रक्षा बलों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
यह कदम सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर एकीकरण, तालमेल और परिचालन तैयारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बदलते युद्ध क्षेत्र के माहौल में भारत की बहुस्तरीय हवाई रक्षा क्षमता को और अधिक शक्तिशाली बनाना है।
इससे पहले अगस्त 2025 में भी सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने दो अहम सैन्य दस्तावेज जारी किए थे। इनमें विशेष बलों के संचालन के लिए संयुक्त सिद्धांत और एयरबोर्न और हेलीबोर्न आधारित अभियानों के लिए संयुक्त सिद्धांत शामिल थे। ये दोनों दस्तावेज मध्य प्रदेश के महू में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित 'रण संवाद' नामक सेमिनार के दौरान पेश किए गए थे।
ये भी पढ़ें: Supreme Court: 'शादी करके बहू और उसके परिवार का अपमान क्यों?' दहेज प्रताड़ना मामले में अदालत की सख्त टिप्पणी
'रण संवाद' सेना के तीनों अंगों का एक साझा सेमिनार था, जिसमें रक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था। इन सिद्धांतों को जारी करने का मकसद भारतीय सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति के लिए सेना को हर समय तैयार रखना है। यह नया हवाई रक्षा सिद्धांत भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
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यह कदम सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर एकीकरण, तालमेल और परिचालन तैयारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बदलते युद्ध क्षेत्र के माहौल में भारत की बहुस्तरीय हवाई रक्षा क्षमता को और अधिक शक्तिशाली बनाना है।
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General Anil Chauhan #CDS released the Joint Air Defence Doctrine, marking a significant step towards greater integration, synergy and operational preparedness among the Defence Forces.
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The doctrine aims to strengthen India’s multi-layered #air_defence capability in the… pic.twitter.com/iXy8rKG8aL — HQ IDS (@HQ_IDS_India) May 29, 2026
इससे पहले अगस्त 2025 में भी सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने दो अहम सैन्य दस्तावेज जारी किए थे। इनमें विशेष बलों के संचालन के लिए संयुक्त सिद्धांत और एयरबोर्न और हेलीबोर्न आधारित अभियानों के लिए संयुक्त सिद्धांत शामिल थे। ये दोनों दस्तावेज मध्य प्रदेश के महू में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित 'रण संवाद' नामक सेमिनार के दौरान पेश किए गए थे।
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'रण संवाद' सेना के तीनों अंगों का एक साझा सेमिनार था, जिसमें रक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था। इन सिद्धांतों को जारी करने का मकसद भारतीय सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति के लिए सेना को हर समय तैयार रखना है। यह नया हवाई रक्षा सिद्धांत भी इसी रणनीति का हिस्सा है।