फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gender Neutrality : MLA Munir advise to Kerala CM to wear saree blouse, later turned

Gender Neutral Uniform : केरल के सीएम को दी साड़ी-ब्लाउज पहनने की सलाह, बाद में पलटे विधायक

Mon, 01 Aug 2022 12:26 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 01 Aug 2022 12:26 PM IST
सार

विधायक मुनीर ने सोमवार को कहा कि वह लैंगिक तटस्थता के खिलाफ नहीं बोल रहे थे। न ही उनका मुख्यमंत्री विजयन का मखौल उड़ाने का इरादा था। वह केवल यह बता रहे थे कि लैंगिक तटस्थता का विचार पितृसत्तात्मक है।

विज्ञापन
Gender Neutrality : MLA Munir advise to Kerala CM to wear saree blouse, later turned
Kerala CM Pinarayi Vijayan

विस्तार

केरल की स्कूलों में लैंगिक पहचान पहचान छिपाने वाले गणवेश को लेकर विवाद गहरा रहा है। इंडियन मुस्लिम लीग (IUML) के विधायक एमके मुनीर ने कल आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ वाम मोर्चा स्कूलों में धर्म की पहचान को नकारने की कोशिश कर रहा है। राज्य सरकार लैंगिक समानता के नाम पर लैंगिक तटस्थता थोप रही है। इसे लेकर मुनीर ने सीएम पिनराई विजयन को सार्वजनिक कार्यक्रमों में साड़ी-ब्लाउज पहन कर जाने की सलाह दे डाली थी। विवाद पैदा होने पर आज उन्होंने सफाई दी है।

विज्ञापन

विधायक मुनीर ने सोमवार को कहा कि वह लैंगिक तटस्थता के खिलाफ नहीं बोल रहे थे। न ही उनका मुख्यमंत्री विजयन का मखौल उड़ाने का इरादा था। वह केवल यह बता रहे थे कि लैंगिक तटस्थता का विचार पितृसत्तात्मक है। रविवार को कोझिकोड में एक कार्यक्रम में मुनीर ने आरोप लगाया था कि वाम मोर्चा सरकार स्कूलों में लिंग तटस्थ गणवेश नीति के माध्यम से धर्म की उपेक्षा करने की कोशिश कर रही है। सरकार को ऐसा करना है तो सीएम यात्रा के दौरान साड़ी और ब्लाउज क्यों नहीं पहनते हैं?  उन्होंने सवाल किया था कि विजयन जब स्कूली बच्चों के लिए लैंगिक रूप से तटस्थ पोशाक की पैरवी कर रहे हैं, तो वे खुद लैंगिक रूप से तटस्थ क्यों नहीं रहते? 
विज्ञापन


लड़के-लड़कियों के लिए समान पोशाक के खिलाफ केरल के मुस्लिम
गत वर्ष केरल के एक सरकारी स्कूल में लड़के-लड़कियों के लिए समान पोशाक लागू की थी। इसके खिलाफ मुस्लिम समन्वय समिति के नेतृत्व में लोगों के एक वर्ग ने स्कूल तक मार्च निकाला था। दरअसल, केरल में लंबे समय से लैंगिक समानता के प्रयास चल रहे हैं। विद्यार्थियों की लैंगिक पहचान छिपाने के लिए ही उनके लिए समान ड्रेस लागू करने के लिए जनमत बनाया जा रहा है। इसका मकसद महिलाओं-पुरुषों के बीच लिंग के आधार पर भेदभाव खत्म करना है। हाल ही में केरल के सीएम विजयन ने भी लैंगिक रूप से तटस्थ ड्रेस कोड की पैरवी की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुरुष प्रधान समाज के अगुआ तय कर रहे लिंग तटस्थता
मुनीर ने कल वाम मोर्चा सरकार की लैंगिक तटस्थता नीति पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने सवाल किया कि यह विश्वास कहां से आया कि लैंगिक समानता तभी हासिल की जा सकती है जब महिलाएं पुरुषों की तरह कपड़े पहनें? मेरी इस बात को यदि सीएम का उपहास या गाली देने जैसा माना जाता है तो यह गलत है। मेरा इरादा ऐसा नहीं था। मुनीर ने स्पष्ट किया, 'जब मैंने पूछा कि सीएम साड़ी और ब्लाउज क्यों नहीं पहन सकते हैं? तो इसका मतलब यह नहीं था कि उन्हें ये  पहनकर घूमना चाहिए। यह एक उदाहरण स्वरूप कहा था। मेरा इशारा था कि केरल में  लिंग तटस्थता को पुरुष प्रधान समाज के अगुआ तय कर रहे हैं। 


महिलाओं को नजरअंदाज करता है सत्तापक्ष
मुनीर ने दावा किया कि पितृसत्ता से मेरा मतलब है कि मार्क्सवादी पार्टी (सीपीआई (एम)) पुरुष प्रधान समाज से बाहर नहीं आई है और यदि आप उनकी पार्टी के ढांचे को देखें तो पता चलेगा कि वे महिलाओं को कैसे नजरअंदाज करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed