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आधुनिक भारत में लड़का-लड़की में भेदभाव की कोई जगह नहीं: राष्ट्रपति
amarujala.com {Presented by : अकरम}
Updated Thu, 09 Mar 2017 04:55 AM IST
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
- फोटो : File Photo
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार, 2016 से 27 महिला और पांच महिला संगठनों को नवाजा। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि देश की हर बालिका को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि सरकार उसे विकास के लिए अनुकूल वातावरण और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुखर्जी ने कहा कि लड़का-लड़की के बीच भेदभाव का आधुनिक भारत में कोई स्थान नहीं है।
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मुखर्जी ने कहा कि देश के अनेक हिस्सों में लड़के-लड़कियों के गिरते अनुपात को देखते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया गया है। मुखर्जी ने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हर बालिका को प्राथमिक शिक्षा मिलें। राष्ट्रपति ने महिलाओं के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें एक साथ अनेक कार्य करने की अपार क्षमता है और प्रतिबद्धता के साथ काम करने में उनका कोई मुकाबला नहीं है।
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पुरस्कार पाने वाली महिलाओं में उत्तराखंड की दिव्या रावत, आगरा व लखनऊ में चल रहे छांव फाउंडेशन की शेरोज हैंगआउट कैफे, दिल्ली की कमर डागर, पल्लवी फौजदार, हरियाणा की सुनीता सिंह चोकन, इसरो में काम कर रहीं बी कोडनेगु समेत कई महिलाएं शामिल हैं।
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