बाधाओं से भरा रहा ‘गतिमान’ का आखिरी ट्रायल
- नई दिल्ली से आगरा तक तय समय में पहुंची ट्रेन
- ट्रेन की चपेट में आकर दो बच्चों की मौत
विस्तार
देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस का सातवां और आखिरी ट्रायल बाधाओं से भरा रहा। ट्रेन नई दिल्ली से आगरा कैंट तक तो तय समय 110 मिनट में पहुंच गई, लेकिन आगरा से लौटते वक्त रुनकता क्षेत्र में ट्रेन से दर्दनाक हादसा हो गया। यहां पटरी पार कर रहे दो बच्चों अरविंद (8) और योगेश (10) की इसकी चपेट में आने से मौत हो गई।
दोनों बच्चे जऊपुरा के रहने वाले थे। यही नहीं मथुरा के पास पेंटो टूटने के कारण ट्रेन को सवा घंटे से अधिक समय तक रोकना पड़ा। इससे पहले, गतिमान एक्सप्रेस सुबह 8:05 बजे चलकर 9:55 बजे आगरा कैंट आई। दिल्ली लौटते वक्त 169.5 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चल रही ट्रेन से बिल्लोचपुरा-रूनकता के बीच हादसा हो गया।
इसके चंद मिनटों के बाद ही मथुरा और बाद स्टेशन के बीच ट्रेन का ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) पेंटो खराब हो गया। इससे ट्रेन को 1:09 बजे तक उसी जगह पर रोकना पड़ा। डीजल इंजन भेजकर ट्रेन को मथुरा जंक्शन तक ले जाया गया। 1.40 बजे के बाद उसी इंजन के जरिए ट्रेन मथुरा से नई दिल्ली के लिए रवाना की गई। इसके चलते बाद और मथुरा के बीच डाउन लाइन पर 2.10 घंटे तक गाड़ियों का परिचालन ठप रहा। इससे पांच ट्रेनें लगभग तीन घंटे लेट हो गईं।
ट्रेन पर की गई पत्थरबाजी, शीशा चटका
यूं तो देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन को दिल्ली-आगरा के बीच का सफर 90 मिनट में तय करना है लेकिन इस बार के ट्रायल रन में 110 मिनट में दूरी तय करने का लक्ष्य रखा गया था बावजूद यह ट्रेन तीन मिनट लेट आगरा पहुंची।
इतना ही नहीं रास्ते में इस ट्रेन के कोच पर पत्थरबाजी भी हुई। नई दिल्ली पहुंची इस ट्रेन की खिड़की का शीशा टूटा दिखा।
दरअसल, मथुरा के पास अचानक दो बच्चों के चपेट में आ जाने की वजह से चार मिनट तक खड़ी रही। कुछ गुस्साए लोगों ने इस ट्रेन पर पत्थरबाजी भी कर दी।