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कांग्रेस अध्यक्ष चयन से गांधी परिवार की दूरी, राहुल के बाद सोनिया ने भी खुद को दूर किया

Fri, 05 Jul 2019 05:21 AM IST
Nilesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Fri, 05 Jul 2019 05:21 AM IST
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Gandhi family make distance from Congress presidential selection, after Rahul, Sonia take action
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राहुल और सोनिया गांधी(File Photo) - फोटो : PTI

राहुल गांधी के इस्तीफा देने और अगला उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया से खुद को अलग रखने के बाद संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने भी कोई सलाह या हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है। गांधी परिवार कतई नहीं चाहता है कि पार्टी जिसे अगला अध्यक्ष बनाए उस पर परिवार के करीबी होने या कठपुतली होने का आरोप लगे। 

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नए अध्यक्ष के चुनाव में राहुल रुख को देखते हुए पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी से मिलकर कोई नाम सुझाने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया कि वे नहीं चाहती हैं कि गांधी परिवार पर किसी प्रकार कठपुतली अध्यक्ष बनाने का आरोप लगे। सोनिया ने सीडब्ल्यूसी में सबकी सलाह से फैसला लेने की बात कही। सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार सीडब्ल्यूसी की बैठक से भी दूरी बनाना चाहता है ताकि सदस्यों को कोई फैसला लेने में सहूलियत हो। 
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कांग्रेस के नेता 10 जुलाई को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुला सकते हैं। ऐसा इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि राहुल उस दिन दिल्ली में होंगे। राहुल ने बुधवार को जिस तरह कहा कि अगली प्रक्रिया का उनसे कोई लेना-देना नहीं है और नए अध्यक्ष का फैसला एक महीने पहले हो जाना चाहिए था उससे नहीं लगता कि राहुल सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल होंगे। 

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पार्टी के भीतर नेताओं के बीच कई तरह के फार्मूलों पर चर्चा 

  1. सीडब्ल्यूसी में किसी वरिष्ठ महासचिव को अस्थाई तौर पर अंतरिम अध्यक्ष बनाकर चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाए। वरिष्ठ महासचिव के नाम पर गुरुवार को गुलाम नबी आजाद का नाम सामने आया। आजाद ने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिंह राव, सीताराम केसरी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम किया है। 
     
  2. सीडब्ल्यसी तीन से चार नेताओं की एक कमेटी बना दे जो आगे की चुनाव प्रक्रिया शुरू कर नया अध्यक्ष चुने। 
     
  3. बैठक में नए अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया जाए। चार जोन में राज्यों को भौगोलिक आधार पर बांट दिया जाए। इससे शक्ति का विकेंद्रीकरण हो जाएगा और पार्टी को बेतहर नतीजे मिल सकेंगे। इससे भाषाई और क्षेत्रीय संतुलन बनाया जा सकेगा।
     
  4. किसी एक वरिष्ठ नेता को अध्यक्ष बनाकर उसके साथ दो युवा नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संगठनात्मक मजबूती दी जा सकती है। इस फार्मूले में डा. मनमोहन सिंह को नेतृत्व सौंपने पर भी वरिष्ठ नेता तैयार होते दिख रहे हैं। नेताओं का तर्क है मनमोहन सिंह बड़ा चेहरा हैं उन्हें लेकर सर्वसम्मति बनाना होगा। उनके नेतृत्व में अनुभवी और युवा नेताओं की टीम एक साथ काम कर सकती है। 
     
  5. कुछ नेता महासचिव प्रियंका गांधी को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं लेकिन राहुल के पद छोडने को लेकर जिस तरह उनका ट्वीट आया है उससे उन्हें ही इसकी संभावना नहीं दिखती। सूत्रों के मुताबिक जिस दौरान सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी प्रियंका गांधी दिल्ली में नहीं होंगी।

Gandhi family make distance from Congress presidential selection, after Rahul, Sonia take action
Rahul gandhi, Priyanka gandhi - फोटो : Twitter Congress @INCIndia

प्रियंका ने राहुल की हिम्मत की दाद दी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल के इस्तीफे देना और फैसले पर अड़े रहने को लेकर ट्वीट किया है। प्रियंका ने राहुल गांधी को ट्वीट में टैग करते हुए लिखा है कि आपने जो किया ऐसी हिम्मत कुछ में ही होती है। उन्होंने लिखा कि आपके इस फैसले का मैं पूरी तरह सम्मान करती हूं। पार्टी में प्रियंका एक मात्र नेता हैं जिन्होंने राहुल गांधी को पद पर बने रहने के लिए बल्कि पद छोडने को सही ठहराया है। जबकि अभी भी पार्टी के बड़े नेता उन्हें फैसला बदलने को कह रहे हैं। 

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अहमद पटेल

राहुल गांधी हमारे नेता रहेंगे: अहमद पटेल 

सोनिया गांधी के रणनीतिकार के तौर और राहुल की टीम में कोषाध्यक्ष के साथ अहम मुद्दों पर भूमिका निभाने वाले अहमद पटेल ने राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा है कि इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी हमेशा हमारे लीडर रहेंगे। पार्टी को भरोसा है कि वे आगे भी हमारे साथ रहेंगे। हम सभी इस चुनाव में हुई हार के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने छोटे कार्यकाल में ही पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

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