Defamation: गहलोत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराने कोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री शेखावत, ये है मामला
Defamation Case Against Ashok Gehlot: बता दें कि कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंदीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर हमला किया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को संजीवनी घोटाले में दोषी बताया था। उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि उनके माता-पिता, पत्नी और साला भी इस मामले में आरोपी है।
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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे हैं। गहलोत पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने उनके संबंध में कथित भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया है।
बता दें कि कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंदीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर हमला किया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को संजीवनी घोटाले में दोषी बताया था। उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि उनके माता-पिता, पत्नी और साला भी इस मामले में आरोपी है।
गहलोत ने आरोप लगाया था कि संजीवनी घोटाले में केंदीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल रहे हैं। उन्होंने पैसे जमा करवाए गए हैं। इनके पिताजी, माताजी, बीवी, इनके साले और यह खुद यानी पांचों लोग इसमें शामिल हैं। ईडी को तो तुरंत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त करना चाहिए। एसओजी को प्रॉपर्टी जब्त करने का अधिकार नहीं है। ईडी को है। हम हमेशा कह रहे हैं कि ईडी प्रॉपर्टी को जब्त करें, नहीं तो प्रॉर्पटी इधर-उधर हो जाएगी। लोगों को पैसे सिर्फ प्रॉपर्टी की जब्त कर मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह देखना चाहिए कि इस व्यक्ति को मंत्री बना रखा है, जिस पर इतने गंभीर आरोप है। भारत सरकार जांच कर लें तो पता चल जाएगा कि मामला क्या है?
ऑस्ट्रेलिया और इथियोपिया में लगाए हैं पैसे
गहलोत ने आरोप लगाया था कि इन्होंने संजीवनी घोटाले के जरिये पैसे कमाए। उन पैसों को ऑस्ट्रेलिया और इथियोपिया में लगाया। वह पैसा पीड़ितों को वापस करें। सीबीआई जैसी जांच एजेंसी इनके हाथ में है। उसे दिया तो मामला ही खत्म हो जाएगा। इन्हें तो खुद जाना चाहिए ईडी के पास और कहना चाहिए कि जांच करो। अगर मैं दोषी हूं तो गिरफतार करो। क्या इतनी हिम्मत है इनमें?