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G20: हाई सिक्योरिटी जोन में विदेशी मेहमानों ने क्यों चलाई छह किमी. दूरी तक साइकिल? चंद मिनटों में जाना यह राज
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G20
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
भारत में 'G20' शिखर सम्मेलन के दौरान कई ऐसी बातें रहीं, जिन्होंने विदेशी मेहमानों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। इन्हीं में से एक आकर्षण का केंद्र 'साइकिल' भी रही है। विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों के साथ भारत आए मेहमानों ने साइकिल पर छह किलोमीटर की दूरी तय करने से गुरेज नहीं किया। किसी ने वह दूरी दो मिनट में तो किसी ने पांच मिनट में पूरी की। इस छोटे से सफर में विदेशी मेहमानों ने भारत के बारे में काफी कुछ जान लिया।
'जी20' के आयोजन स्थल प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' के अंतरराष्ट्रीय मीडिया केंद्र में बने 'डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस जोन' में यह खास साइकिल रखी गई है। यहां पर विदेशी मेहमान, आभासी वास्तविकता (वर्चुअल रियलिटी) के जरिए डिजिटल इंडिया यात्रा का अनुभव कर रहे हैं। इस साइकिल की रफ्तार, चालक पर निर्भर रहती है। वह चाहे तो डेढ़-दो मिनट में भी यह दूरी पूरी कर सकते हैं।
अगर उन्हें बिना किसी भागदौड़ के साइकिल चलानी है तो वे पांच-छह मिनट में यात्रा समाप्ति केंद्र पर पहुंच सकते हैं। कोई भी व्यक्ति, जितनी तेजी से साइकिल चलाएगा, उसके सामने लगी बड़ी स्क्रीन पर डिजिलट इंडिया को लेकर आ रही सूचनाएं भी रफ्तार पकड़ लेती हैं। साइकिल चलाने वाला सामने लगी स्क्रीन पर देखता रहता है। वहां पर डिजिटल इंडिया को लेकर जो भी सूचना आती है, उसके साथ में कुछ आंकड़े भी रहते हैं।
जैसे- आधार कार्ड, डिजिटल लॉकर, यूपीआई, कृषि क्षेत्र में सॉयल हेल्थ कार्ड, ई-नेम, दीक्षा, उमंग, ई-संजीवनी, ओएनडीसी, भाषिणी और फास्ट टैग आदि के बारे में विस्तृत जानकारी लेनी हो तो साइकिल की रफ्तार कम कर सकते हैं। साइकिल पर ब्रेक लगाने का भी प्रावधान है। जैसे ही साइकिल थमेगी, सामने की स्क्रीन पर सूचनाएं भी थम जाएंगी।
विदेशी मेहमानों की सुविधा के लिए प्रगति मैदान के हॉल नंबर 4 और 14 में 'डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस जोन' स्थापित किया गया है। G20 के प्रतिनिधियों ने ई-संजीवनी 'कियोस्क' के माध्यम से डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति को करीब से देखा।