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G20: नटराज मूर्ति से कोणार्क चक्र तक...भारत ने ऐसे दिखाई दुनिया को अपनी सॉफ्ट पावर की झलक

Sat, 09 Sep 2023 02:33 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 09 Sep 2023 02:33 PM IST
सार

13वीं सदी में राजा नरसिंहदेव-प्रथम के शासनकाल में कोणार्क चक्र को बनाया गया था। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में भी इसका इस्तेमाल किया गया है।

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भारत मंडपम में लगी नटराज की मूर्ति और कोणार्क चक्र। - फोटो : Social Media

विस्तार

जी20 शिखर सम्मेलन का आज पहला दिन है। दुनिया के शीर्ष नेता दिल्ली में मौजूद हैं, जिनका पीएम मोदी ने भारत मंडपम में स्वागत किया। इस आयोजन के जरिए भारत दुनिया में अपनी सॉफ्ट पावर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसकी झलक उस वक्त दिखाई दी, जब पीएम मोदी ने कोणार्क चक्र की प्रतिकृति के सामने खड़े होकर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया। वहां भारत की पुरातन संस्कृति के साथ ही आधुनिकता का बेहतरीन संगम देखने को मिला। 
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भारत मंडपम में दिखी सांस्कृतिक ताकत
जी20 सम्मेलन के लिए भारत मंडपम को भारतीयता के रंग में रंगा गया है। भारत मंडपम में कोणार्क चक्र के साथ ही नटराज की प्रतिमा और विभिन्न योग कलाओं को दर्शाया गया है। स्वागत के दौरान पीएम मोदी विदेशी मेहमानों को कोणार्क चक्र की महत्ता के बारे में बताते भी दिखे। कोणार्क चक्र लगातार बढ़ते समय की गति, प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है। 13वीं सदी में राजा नरसिंहदेव-प्रथम के शासनकाल में कोणार्क चक्र को बनाया गया था। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में भी इसका इस्तेमाल किया गया है। यह कोणार्क चक्र भारत के प्राचीन ज्ञान, उन्नत सभ्यता और स्थापत्य उत्कृष्टता को दर्शाता है। 
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नटराज प्रतिमा और योग के साथ हुआ मेहमानों का स्वागत
भारत मंडपम के प्रवेश द्वार पर 28 फुट ऊंची नटराज की प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा भगवान शिव की सृजन और विनाश की शक्ति का प्रतीक है। अष्टधातु की इस प्रतिमा को पारंपरिक चोल शिल्प का उपयोग कर बनाया गया है। साथ ही भारत मंडपम में दुनिया को भारत की देन योग की विभिन्न मुद्राएं दर्शाती प्रतिमाएं लगी हुई हैं, जो भारत के समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक इतिहास का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। साथ ही भारत मंडपम के डिजाइन में भी भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है।

आधुनिकता का भी रखा गया है पूरा ख्याल
भारत मंडपम में आधुनिकता का भी पूरा ख्याल रखा गया है। परिसर में एक लाख वर्ग मीटर का एक प्रदर्शनी क्षेत्र है तो दो लाख वर्ग मीटर का सम्मेलन क्षेत्र। इसमें एक साथ 3 हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला ऑडिटोरियम है तो 500 लोगों के लिए एक सेमिनार हॉल समेत कई खासियतें हैं। यह सिडनी के ऑपेरा हाउस से भी बड़ा है। भारत मंडपम में सभी आधुनिक सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। 
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