Home Ministry: देश में आएंगी लेफ्टहैंड ड्राइविंग वाली गाड़ियां, 4500 जवान क्यों पहनेंगे सूट-बूट और काले चश्मे?
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विस्तार
18वां 'G20' सम्मेलन, नई दिल्ली में 9-10 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। साथ ही नौ देशों के प्रमुख भी बतौर अतिथि देश, जी20 की बैठक में हिस्सा लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय में इस सम्मेलन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में हर सप्ताह इस आयोजन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हो रही है। सूत्रों का कहना है, सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस सहित दूसरे बलों के जवानों को ट्रेनिंग दी जा रही है। चूंकि कई देशों में लेफ्टहैंड ड्राइविंग वाले वाहनों का चलन है, संभवत: दूसरे मुल्कों से ऐसी गाड़ियों को दिल्ली लाया जाएगा। यह जिम्मेदारी विदेश मंत्रालय को सौंपी गई है। मुख्य सम्मलेन स्थल यानी प्रगति मैदान की सुरक्षा में लगभग 4500 ऐसे जवान तैनात होंगे, जो सूट-बूट में रहेंगे। छोटे हथियारों से लैस इन जवानों की आंखों पर काला चश्मा होगा। सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सरकारी दफ्तर एवं निजी प्रतिष्ठान बंद कराए जा सकते हैं।
प्रगति मैदान के बाहर तैनात होंगे 1300 जवान
सूत्रों के मुताबिक, प्रगति मैदान में दिल्ली पुलिस के साढ़े चार हजार जवान तैनात रहेंगे। खास बात ये है कि इनमें से कोई भी वर्दी में नहीं होगा। वे सभी जवान सूट-बूट में होंगे और उनकी आंखों पर काला चश्मा रहेगा। इन जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने 1300 जवानों को प्रगति मैदान के बाहर तैनात करने की योजना बनाई है। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा समेत अन्य शीर्ष अफसरों की बैठक में इन सभी तथ्यों पर चर्चा हो चुकी है। दिल्ली पुलिस के ऐसे जवान, जिन्हें प्रगति मैदान के बाहर तैनात किया जाएगा, वे सभी वर्दी में रहेंगे। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस के 400 जवान, प्रगति मैदान और उसके आसपास रहेंगे।
दो दिन पहले और दो दिन बाद, होगी छुट्टी
जी20 सम्मेलन से दो दिन पहले और दो दिन बाद, नई दिल्ली क्षेत्र में स्थित दफ्तरों की छुट्टी हो सकती है। सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। चुनिंदा वाहनों के लिए विशेष पास जारी होंगे। इसके अलावा केवल वही गाड़ियां चलेंगी, जो जरूरी होंगी। नई दिल्ली और प्रगति मैदान को दो हिस्सों में बांटा गया है। इनमें से नई दिल्ली को कंट्रोल एरिया बनाया जाएगा, जबकि प्रगति मैदान, सामान्य लोगों के लिए पूरी तरह 'नो एंट्री जोन' बनेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रगति मैदान में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने के लिए कहा है। सीआईएसएफ में 100 से अधिक जवानों को सामान चेक करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। जिन जगहों पर विदेशी मेहमान ठहरेंगे और बैठक स्थल, यहां इन्हीं जवानों को तैनात किया जाएगा। ड्राइवरों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सम्मेलन में भाग लेंगे ये राष्ट्र, अतिथि देश भी रहेंगे
जी20 देशों के समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इन सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 फीसदी और वैश्विक व्यापार का 75 फीसदी से अधिक हिस्सा है। साथ ही इन देशों में विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है। अतिथि देशों में बांग्लादेश, ईजिप्ट, मॉरिशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात शामिल है। नियमित अंतरराष्ट्रीय संगठनों (यूएन, आईएमएफ, डब्ल्यूबी, डब्ल्यूएचओ, डब्ल्यूटीओ, आईएलओ, एफएसबी और ओईसीडी) और क्षेत्रीय संगठनों (एयू, एयूडीए-एनईपीएडी और आसियान) की पीठों के अतिरिक्त जी20 के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा आईएसए, सीडीआरआई और एडीबी को अतिथि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।