Rishi Sunak In G20 India: राखी, कलावा और नंगे पांव... ऐसे लगाया ब्रिटेन ने भारत पर दांव
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विस्तार
वैसे तो देश में आयोजित हुई G20 की बैठक में दुनिया के ताकतवर देश के बड़े-बड़े राष्ट्रध्यक्ष पहुंचे। लेकिन जो महफ़िल ऋृषि सुनक ने लूटी वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी नहीं लूट सके। दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने से लेकर अक्षरधाम मंदिर जाने और शनिवार की रात को हुए ग्रैंड डिनर से लेकर राजघाट पर ऋृषि सुनक ने जिस तरीके से खुद को पेश किया वह भारत के प्रति उनके आने वाले दिनों के रिश्तों को भी बताता है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की भारत में इस यात्रा को सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ब्रिटेन में बसे भारतवंशियों के संगठन ने भी जमकर सराहना की है। वहीं ऋृषि सुनक का क्रेज जी20 में इस तरह था कि मोदी सरकार के मंत्री भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक से मिलने को बेताब दिखे। दरअसल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के हाथ में बंधे कलावा, राखी और मंदिर से लेकर राजघाट पर नंगे पैरों की आस्था ने उनको देश में हीरो बना दिया। जानकारों का मानना है कि इस तरीके से जुड़ने वाले रिश्तों से भारत और ब्रिटेन के कूटनीतिक रिश्ते भी मजबूत होंगे।
G20 के माध्यम से दुनिया भर में कूटनीति रिश्तों को मजबूती देने के लिए भारत के किए गए प्रयासों की जमकर प्रशंसा हो रही है। इसी प्रशंसा के सुर में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक ने अपने देश के साथ मजबूती के नए आयाम भी गढ़ दिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर कुशल मोहन सिंह कहते हैं कि जिस तरीके से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक में भारत में आकर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं वह सिर्फ कूटनीतिक मामले में ही नहीं बल्कि भारत और ब्रिटेन के भविष्य में मजबूत होते रिश्तों की दिखाई देने वाली एक स्पष्ट तस्वीर है।
उनका कहना है कि ऋृषि सुनक के बॉडी लैंग्वेज से लेकर प्रधानमंत्री समेत देश के गणमान्य लोगों से मिलने का जो तरीका दिखा वह प्रगाढ़ता को दर्शाता है। प्रोफेसर सिंह कहते हैं कि जिस तरीके से शनिवार को भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ स्वागत के दौरान खुद ऋृषि सुनक ने खुद ही बढ़-चढ़कर बातें की और सबसे ज्यादा देर खड़े रहे वह बताता है कि ब्रिटेन का नजरिया भारत के प्रति अब कैसा हो रहा है।
वरिष्ठ राजनयिक रहे अरुण कुमार सिन्हा कहते हैं कूटनीतिक मामले में जो रिश्ते मजबूत होते हैं वह सामान्यतः पब्लिक फोरम पर उस तरीके से नहीं दिखते हैं। ऐसे मजबूत होने वाले रिश्तो में व्यापारिक दृष्टिकोण से सामरिक दृष्टिकोण और जियो पॉलिटिकल नजरिए से रिश्तों में मजबूती आती हुई दिखती है। लेकिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही जिस तरीके से भारत और ब्रिटेन के आपसी रिश्तो की एक डोर बंधी उससे रिश्ते कूटनीति की उस चहारदीवारी से बाहर निकले जो कि अमूमन दो बड़े देशों के बीच में होते हैं।
सिन्हा कहते हैं इसके पीछे बड़ी वजह ऋृषि सुनक का बड़े-बड़े कार्यक्रमों और फोरम पर खुद को दिल से हिंदू मानना और ठीक उसी तरह खुद को पेश करना जैसे कोई भारतीय कहीं पर भी खुद को सामने रखता है। इसके अलावा उनकी पत्नी का भारतीय होना भारत के साथ में मजबूत होते रिश्तों की बड़ी पहचान बन रहा है।
इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के चेयरमैन मुकेश बहादुर कहते हैं कि भारत और ब्रिटेन के बीच में रिश्तों की मधुरता सुनक के आने के साथ लगातार मजबूत होती जा रही है। वह कहते हैं कि इन रिश्तों में न सिर्फ व्यापारिक बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और अपनेपन के साथ देशभक्ति का पैमाना लगातार बढ़ता जा रहा है।
उनका कहना है कि जिस तरीके से ऋृषि सुनक ने रविवार को अक्षरधाम मंदिर में अपनी पत्नी अक्षता के साथ जाकर एक पूर्ण भारतीय हिंदू की तरह पूजा अर्चना की और नंगे पांव चलकर राजघाट में बापू को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उससे हर भारतीय के दिल में ऋृषि सुनक ने एक बड़ी जगह भी बनाई।
ब्रिटेन में रह रहे यूके इंडो फ्रेंडशिप फोरम के देवेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं कि यह वह दौर है जब भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को मजबूत करने के लिए किसी भी कूटनीति की बजाय आपकी संस्कृति और विचारों के साथ साथ भारतीयता की सीढ़ी भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को एक नया मुकाम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त है। प्रियदर्शी कहते हैं कि जिस तरीके से ऋृषि सुनक ने अपने हाथ में कलावा और राखी बांधी। वह भी भारत से सीधे तौर पर जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बना है।
भारतीय विदेश सेवा से जुड़े रहे अधिकारी अरुण सिन्हा कहते हैं कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक ने जिस तरीके से जी20 बैठक में ज्यादा ध्यान आकर्षित किया है उससे भारत के मजबूत होते हुए रिश्तों की तस्वीर पता चलती है। बीते कुछ दिनों के अगर कार्यक्रमों को देखें तो पता चलता है किस तरीके से ऋृषि सुनक ने ब्रिटेन में मुरारी बापू की कथा में जाकर जय सियाराम बोलकर खुद को गौरवान्वित हिंदू के तौर पर पेश किया था। अब जब वो दिल्ली आए हैं तो उन्होंने अक्षरधाम मंदिर जाकर पूजा अर्चना कर भारत से एक मजबूत रिश्ते की नींव रखी है। सिन्हा कहते हैं कि कूटनीति के साथ-साथ भावनात्मक तरीके से जुड़ाव किसी विदेशी के रिश्ते को मजबूती की नई राह पर ले जाता है।
देश में हीरो की तरह पेश हुए ऋृषि सुनक से मिलने के लिए मोदी सरकार के मंत्रियों की भी ख्वाहिश बनी रही। जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात को भारत में आयोजित ग्रैंड डिनर के दौरान मोदी सरकार के मंत्रियों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋृषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षिता से न सिर्फ मुलाकात की बल्कि खूब बातें भी कीं। सुनक से मुलाकात करने वाले एक केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि ऋृषि सुनक के अंदर हिंदुत्व की जो भावना है वह लोगों को सीधे तौर पर उनसे कनेक्ट करती है। यही वजह रही कि शनिवार को आयोजित डिनर में ऋृषि सुनक सबसे ज्यादा लोगों के आकर्षण का केंद्र भी रहे और देर तक उनसे मिलने जुलने का सिलसिला भी चलता रहा।