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Hindi News ›   India News ›   G20 Discussion on connecting India with West Asia through rail Europe-UAE will also included Know the project

G20: रेल के जरिए भारत को पश्चिम एशिया से जोड़ने पर चर्चा! यूरोप-यूएई भी होंगे शामिल; जानें क्या है प्रोजेक्ट

Sat, 09 Sep 2023 01:58 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 09 Sep 2023 01:58 PM IST
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सार
अधिकारियों के अनुसार इस योजना के फलीभूत होने से राजनयिक प्रभावों से इतर भी प्रभाव आएंगे। इससे शिपिंग का समय घटेगा, लागत भी घटेगी। डीजल का उपयोग होने से कारोबार त्वरित व सस्ता होगा।
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G20 Discussion on connecting India with West Asia through rail Europe-UAE will also included Know the project
जी20 बैठक में पीएम मोदी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश की राजधानी नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है। इस अहम बैठक में अमेरिका, सऊदी अरब, भारत और अन्य देश रेलवे मार्ग से भारत को पश्चिम एशिया के देशों को जोड़ने के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इस मामले के जानकार अफसरों का कहना है कि इस क्रम में भारत के बंदरगाह से पश्चिम एशिया के देशों को जोड़ा जा सकता है। इससे खाड़ी देशों और दक्षिण पूर्व के बीच कारोबार बढ़ेगा। इस बातचीत में संयुक्त अरब अमीरात और यूरोप को भी शामिल किया गया है।



जानकारों का कहना है कि इस बारे में सभी देश कई महीनों से बातचीत कर रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकाला है। उम्मीद है कि जी-20 की बैठक में इस बार में ये सभी देश इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। संभावना यह भी है कि बाइडन इस रेल मार्ग के बारे में सऊदी के शासक मोहम्मद बिन सलमान से भी बातचीत कर सकते हैं।


रेल से संबंधित यह योजना महत्त्वपूर्ण समय पर आगे बढ़ रही है और इस योजना में कई देशों के बंदरगाह जोड़े जा सकते हैं। यह चीन के बेल्ट और रोड परियोजना के जवाब में तैयार की जा रही है। इस क्रम में बाइडन जी-20 के विकासशील देशों के लिए अमेरिका को वैकल्पिक साझेदार व निवेशक के तौर पर पेश कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि बाइडन प्रशासन मध्य पूर्व में व्यापक राजनयिक सौदा करना चाहता है। इस क्रम में सऊदी अरब को इस्राइल को मान्यता देनी होगी। बहु राष्ट्रों के बीच आधारभूत ढांचे के बारे में पहली जानकारी एक्सियोस ने दी थी।

अधिकारियों के अनुसार इस योजना के फलीभूत होने से राजनयिक प्रभावों से इतर भी प्रभाव आएंगे। इससे शिपिंग का समय घटेगा, लागत भी घटेगी। डीजल का उपयोग होने से कारोबार त्वरित व सस्ता होगा।

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