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Israel-Iran Conflict: 'भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर इस्राइल-भारत में पूरा तालमेल'; इस्राइली राजदूत का बयान
Tue, 17 Jun 2025 11:26 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:26 PM IST
सार
Israel-Iran Conflict: इस्राइल में भारत के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत और इस्राइल के बीच पूरा समन्वय बना हुआ है। भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि इस्राइली सरकार भारत के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर इस पर काम कर रही है।
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रूवेन अजार, भारत में इस्राइल के राजदूत
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद भारतीयों को निकालने के लिए तेल अवीव विदेश मंत्रालय के साथ पूरी तरह से समन्वय कर रहा है। अजार ने कहा, भारतीयों को निकालने के लिए हम अपने परिवहन मंत्रालय के माध्यम से व्यवस्था कर रहे हैं। राजनयिक और विदेशी नागरिक जो निकलना चाहते हैं, उनके पास स्थलीय और समुद्री कुछ विकल्प हैं और हम उनका समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेल अवीव ईरान की क्षमताओं से जुड़े स्थानों को निशाना बना रहा है और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के प्रयास कर रहा है। हम हम सिर्फ उन स्थानों को निशाना बना रहे हैं जो शासन की क्षमताओं से जुड़े हैं। हम नागरिकों को निशाना नहीं बना रहे।
इस्राइली राजदूत ने क्या कहा?
राजदूत अजार ने बताया, 'हम भारत के विदेश मंत्रालय के साथ पूरी तरह से समन्वय में हैं। जब भी भारतीय नागरिकों को निकालने की जरूरत पड़ी है, हमने अपने परिवहन मंत्रालय के जरिए इसकी तैयारी शुरू कर दी है।' उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को निकालने के लिए जमीनी और समुद्री दोनों रास्तों से विकल्प मौजूद हैं और उन्हें सक्रिय किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें - US: 'अमेरिका को पता है कहां छिपे हैं खामनेई, आत्मसमर्पण करे ईरान', राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान
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ईरान पर इस्राइल के हमले और रणनीति
इस्राइली राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश सिर्फ उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जो ईरान की सैन्य क्षमताओं से जुड़े हैं। 'हम सिर्फ वही जगहें निशाना बना रहे हैं जो ईरान की शासन-संचालित सैन्य क्षमताओं से जुड़ी हैं। हम आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते और इसके लिए हमने उन्हें खतरे वाले क्षेत्रों से हटने की अपील की है।' उन्होंने बताया कि अब तक इस्राइली सेना ने ईरान के करीब 120 लॉन्चर (मिसाइल प्रक्षेपण केंद्र) तबाह किए हैं, जबकि ईरान ने 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और दुगनी संख्या में ड्रोन पहले ही दाग दिए हैं। इसके बावजूद उनके पास अभी भी हथियारों का भंडार बचा है। 'हम पूरी तरह से ईरान की क्षमताओं को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ईरान कब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शर्तों को मानने के लिए बातचीत की मेज पर आएगा।'
भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान में रह रहे भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जो भारतीय नागरिक खुद से यात्रा करने में सक्षम हैं, उन्हें भी शहर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'कुछ भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया सीमा के रास्ते ईरान से बाहर निकलने में मदद की गई है। हमारी एंबेसी लगातार समुदाय के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। स्थिति को देखते हुए आगे और एडवाइजरी भी जारी की जा सकती है।'
यह भी पढ़ें - Israel-Iran Conflict: 'सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है खामनेई का अंजाम', इस्राइली रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी
IMEC प्रोजेक्ट पर क्या बोले राजदूत?
इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस परियोजना के पूर्वी हिस्से पर यूएई के साथ समझौते कर चुका है। पश्चिमी हिस्से पर काम तब आगे बढ़ेगा जब इस क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी। 'कल ही एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक कंपनी इस परियोजना में रुचि दिखाने हमारे पास आई थी। दुनिया की निगाहें इस परियोजना पर हैं, और सब यही देख रहे हैं कि यह संघर्ष कैसे खत्म होगा ताकि फिर से परियोजना पर काम शुरू किया जा सके।'
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इस्राइली राजदूत ने क्या कहा?
राजदूत अजार ने बताया, 'हम भारत के विदेश मंत्रालय के साथ पूरी तरह से समन्वय में हैं। जब भी भारतीय नागरिकों को निकालने की जरूरत पड़ी है, हमने अपने परिवहन मंत्रालय के जरिए इसकी तैयारी शुरू कर दी है।' उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को निकालने के लिए जमीनी और समुद्री दोनों रास्तों से विकल्प मौजूद हैं और उन्हें सक्रिय किया जा रहा है।
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ईरान पर इस्राइल के हमले और रणनीति
इस्राइली राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश सिर्फ उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जो ईरान की सैन्य क्षमताओं से जुड़े हैं। 'हम सिर्फ वही जगहें निशाना बना रहे हैं जो ईरान की शासन-संचालित सैन्य क्षमताओं से जुड़ी हैं। हम आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते और इसके लिए हमने उन्हें खतरे वाले क्षेत्रों से हटने की अपील की है।' उन्होंने बताया कि अब तक इस्राइली सेना ने ईरान के करीब 120 लॉन्चर (मिसाइल प्रक्षेपण केंद्र) तबाह किए हैं, जबकि ईरान ने 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और दुगनी संख्या में ड्रोन पहले ही दाग दिए हैं। इसके बावजूद उनके पास अभी भी हथियारों का भंडार बचा है। 'हम पूरी तरह से ईरान की क्षमताओं को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ईरान कब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शर्तों को मानने के लिए बातचीत की मेज पर आएगा।'
भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान में रह रहे भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। जो भारतीय नागरिक खुद से यात्रा करने में सक्षम हैं, उन्हें भी शहर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'कुछ भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया सीमा के रास्ते ईरान से बाहर निकलने में मदद की गई है। हमारी एंबेसी लगातार समुदाय के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। स्थिति को देखते हुए आगे और एडवाइजरी भी जारी की जा सकती है।'
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IMEC प्रोजेक्ट पर क्या बोले राजदूत?
इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस परियोजना के पूर्वी हिस्से पर यूएई के साथ समझौते कर चुका है। पश्चिमी हिस्से पर काम तब आगे बढ़ेगा जब इस क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी। 'कल ही एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक कंपनी इस परियोजना में रुचि दिखाने हमारे पास आई थी। दुनिया की निगाहें इस परियोजना पर हैं, और सब यही देख रहे हैं कि यह संघर्ष कैसे खत्म होगा ताकि फिर से परियोजना पर काम शुरू किया जा सके।'
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