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FSSAI: हिमालयी याक को 'फूड एनिमल' के तौर पर मिली मंजूरी, एफएसएसएआई का अहम फैसला
Sun, 27 Nov 2022 08:49 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 27 Nov 2022 08:49 PM IST
सार
एनआरसी-याक ने 2021 में याक को एक खाद्य पशु के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव दिया था। हालांकि, यह मंजूरी पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सिफारिश के बाद मिली है।
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याक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने हिमालयी याक को लेकर बड़ा फैसला किया है। FSSAI ने याक को 'खाद्य पशु' (Food Animal) के तौर पर मंजूरी दे दी है। अरुणाचल प्रदेश में पश्चिमी कामेंग जिले के दिरांग में याक से जुड़े राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र (एनआरसी-याक) के एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम से पर्वतीय इलाकों में रहने वाले गोवंशीय जानवरों की आबादी में गिरावट पर रोकने में मदद मिलेगी।
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समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य पशु वे होते हैं, जिन्हें लोग पाल सकते हैं। इनका इस्तेमाल खाद्य उत्पादन या जीवन-यापन के लिए किया जा सकता है। एनआरसी-याक ने 2021 में याक को एक खाद्य पशु के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव दिया था। हालांकि, यह मंजूरी पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सिफारिश के बाद मिली है।
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एनआरसी-याक के निदेशक डॉ. मिहिर सरकार ने बताया कि एफएसएसएआई के इस फैसले से किसान आर्थिक तौर पर लाभान्वित होंगे। यह किसानों एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग दोनों के लिए आर्थिक लाभ के कई रास्ते खोलेगा।
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उन्होंने बताया कि देश में याक की आबादी पिछले कुछ वर्षों में खतरनाक दर से घट रही है। 2019 में की गई जनगणना के अनुसार, भारत में 58,000 याक हैं। यह 2012 में की गई पिछली पशुधन गणना से लगभग 25 फीसदी कम है।