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तीन खास तिथियां: 17 को पीएम मोदी का जन्मदिन, 18-19 सितंबर होंगी संसदीय इतिहास के लिए बदलाव की दो तारीखें
Sat, 16 Sep 2023 04:49 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 16 Sep 2023 04:49 PM IST
सार
Three special dates: प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को अपना 73वां जन्मदिन मनाएंगे। इसी दिन केंद्र की पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत होगी। 18 सितंबर से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।
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विशेष तिथियां
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
देश की सियासत में आने वाले कुछ दिन काफी खास होने वाले हैं। इसकी शुरुआत 17 सितंबर से हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन अपना 73वां जन्मदिन मनाएंगे। इसी दिन केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत होगी। अगले दो दिन हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद खास होंगे। आइये जानते हैं तीनों दिन होने वाले खास कार्यक्रमों के बारे में...
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पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
17 सितंबर
रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्में पीएम मोदी इस दिन 73 साल के हो जाएंगे। इसी दिन विश्वकर्मा जयंती भी है। इस मौके पर पीएम विश्वकर्मा योजना को लॉन्च किया जाएगा।
यह योजना पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए होगी। सरकार 13 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना की शुरुआत करेगी। गांव, शहरों में कारीगर हैं जो अपने हाथ के कौशल से जीवन यापन करते हैं। यह योजना विशेष रूप से इन्हीं लोगों जैसे नाई, धोबी, सुतार, राजमिस्त्री, आदि पारंपरिक कौशल कार्य करने वाले लोगों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए लाई गई है। प्रधानमंत्री ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा था कि आज के विश्वकर्मा, कल के उद्यमी बन सकते हैं।
आयुष्मान भव कार्यक्रम का भी आगाज
17 सितंबर को ही केंद्र सरकार आयुष्मान भव कार्यक्रम शुरू करने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय अंतिम छोर पर मौजूद व्यक्तियों सहित हर वांक्षित लाभार्थी तक सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने के लिए आयुष्मान भव नामक कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान शिविर लगाए जाएंगे और 60,000 लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिए जाएंगे।
यशोभूमि का उद्घाटन
इसी दिन पीएम मोदी भारत इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) का उद्घाटन करेंगे। इसे यशोभूमि नाम दिया गया है।
रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्में पीएम मोदी इस दिन 73 साल के हो जाएंगे। इसी दिन विश्वकर्मा जयंती भी है। इस मौके पर पीएम विश्वकर्मा योजना को लॉन्च किया जाएगा।
यह योजना पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए होगी। सरकार 13 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना की शुरुआत करेगी। गांव, शहरों में कारीगर हैं जो अपने हाथ के कौशल से जीवन यापन करते हैं। यह योजना विशेष रूप से इन्हीं लोगों जैसे नाई, धोबी, सुतार, राजमिस्त्री, आदि पारंपरिक कौशल कार्य करने वाले लोगों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए लाई गई है। प्रधानमंत्री ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा था कि आज के विश्वकर्मा, कल के उद्यमी बन सकते हैं।
आयुष्मान भव कार्यक्रम का भी आगाज
17 सितंबर को ही केंद्र सरकार आयुष्मान भव कार्यक्रम शुरू करने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय अंतिम छोर पर मौजूद व्यक्तियों सहित हर वांक्षित लाभार्थी तक सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने के लिए आयुष्मान भव नामक कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान शिविर लगाए जाएंगे और 60,000 लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिए जाएंगे।
यशोभूमि का उद्घाटन
इसी दिन पीएम मोदी भारत इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) का उद्घाटन करेंगे। इसे यशोभूमि नाम दिया गया है।
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संसद भवन
- फोटो : सोशल मीडिया
18 सितंबर
सोमवार से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। सरकार ने संसद के विशेष सत्र का एजेंडा भी जारी कर दिया है। इसके तहत सत्र के पहले दिन 18 सितंबर को ‘संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा’ पर चर्चा की जाएगी। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयक भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
संसद की यह कार्यवाही मौजूदा संसद भवन में होगी। मौजूदा संसद भवन में यह संसद की आखिरी बैठक होगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी।
सोमवार से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। सरकार ने संसद के विशेष सत्र का एजेंडा भी जारी कर दिया है। इसके तहत सत्र के पहले दिन 18 सितंबर को ‘संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा’ पर चर्चा की जाएगी। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयक भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
संसद की यह कार्यवाही मौजूदा संसद भवन में होगी। मौजूदा संसद भवन में यह संसद की आखिरी बैठक होगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी।
नया संसद भवन।
- फोटो : सोशल मीडिया
19 सितंबर
18 से 22 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन की कार्रवाई नए संसद भवन में होगी। गणेश चतुर्थी के दिन यानी 19 सितंबर को नए भवन में कार्यवाही की शुरुआत होगी। नए संसद भवन में कार्यवाही की शुरुआत से पहले एक विशेष पूजा भी होगी।
इस बीच संसद के कर्मचारियों और मार्शल के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया जाएगा। दोनों सदनों में मौजूद रहने वाले मार्शल अब सफारी सूट की बजाए क्रीम रंग का कुर्ता और पजामा पहनेंगे। मार्शल मणिपुरी पगड़ी पहने हुए दिखाई दे सकते हैं। जबकि महिला कर्मचारी भी नई साड़ियों में नजर आ सकती हैं। कहा गया कि मार्शल और अन्य कर्मचारी भी करीब डेढ़ दशक से अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव करने की मांग कर रहे थे। हालांकि, कर्मचारियों की ड्रेस पर कमल के फूल की डिजाइन ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस डिजाइन को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
18 से 22 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन की कार्रवाई नए संसद भवन में होगी। गणेश चतुर्थी के दिन यानी 19 सितंबर को नए भवन में कार्यवाही की शुरुआत होगी। नए संसद भवन में कार्यवाही की शुरुआत से पहले एक विशेष पूजा भी होगी।
इस बीच संसद के कर्मचारियों और मार्शल के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया जाएगा। दोनों सदनों में मौजूद रहने वाले मार्शल अब सफारी सूट की बजाए क्रीम रंग का कुर्ता और पजामा पहनेंगे। मार्शल मणिपुरी पगड़ी पहने हुए दिखाई दे सकते हैं। जबकि महिला कर्मचारी भी नई साड़ियों में नजर आ सकती हैं। कहा गया कि मार्शल और अन्य कर्मचारी भी करीब डेढ़ दशक से अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव करने की मांग कर रहे थे। हालांकि, कर्मचारियों की ड्रेस पर कमल के फूल की डिजाइन ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस डिजाइन को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।