{"_id":"6605093820dfed30030b4ff0","slug":"from-microphone-to-pressure-cooker-smaller-parties-wage-war-of-symbols-in-tamil-nadu-lok-sabha-polls-2024-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu: छोटी पार्टियों ने छेड़ी चुनाव चिह्नों की जंग, माइक्रोफोन से लेकर प्रेशर कुकर तक की जानें कहानी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu: छोटी पार्टियों ने छेड़ी चुनाव चिह्नों की जंग, माइक्रोफोन से लेकर प्रेशर कुकर तक की जानें कहानी
Thu, 28 Mar 2024 11:39 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 28 Mar 2024 11:39 AM IST
सार
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई का कहना है कि चुनाव चिह्न मतदाताओं और उनकी विचारधारा को एक साथ जोड़ने का एक तरीका है। इसलिए हर राजनीतिक दल वही चिह्न चाहता है, जो उसकी विचारधारा को दर्शा सके।
विज्ञापन
नाम थामिलर काची का चुनाव चिह्न माइक्रोफोन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लोकसभा चुनाव होने में अब एक महीने का समय भी नहीं बचा है। ऐसे में बड़ी से लेकर छोटी पार्टी तक सभी ने जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी कमर कस ली है। कर्नाटक में उम्मीदवारों के नामों पर तो वहीं तमिलनाडु में पार्टियों के चिह्नों पर काफी चर्चा बनी हुई है। तमिलनाडु लोकसभा का यह आम चुनाव कई चिह्नों के इर्द-गिर्द घूमता है। यहां उगते हुए सूरज और दो पत्तियों के बावजूद कुछ लोग स्वतंत्र चिह्न (symbol) पर चुनाव लड़ रहे हैं।
विज्ञापन
किसकी पार्टी का माइक्रोफोन चुनाव चिह्न?
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम रामनाथपुरम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वहीं, एमडीएमके पार्टी मुख्यालय के सचिव दुरई वाइको त्रिची निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह नाम थामिलर काची (एनटीके), जो गन्ना किसान को अपनी पार्टी का चिह्न बनाना चाहता था, वह अब तमिलनाडु के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में माइक्रोफोन के साथ चुनाव लड़ रहा है।
विज्ञापन
कई क्रांतिकारियों ने किया इसका इस्तेमाल
एनटीके के समन्वयक सीमन का कहना है कि माइक्रोफोन का प्रतीक उन्हें आशा देता है। एनटीके राज्य में प्रमुख गठबंधनों के बाहर चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'भले ही हमें अपना गन्ना किसान चुनाव चिह्न नहीं मिला, लेकिन हम चुनाव में माइक्रोफोन चिह्न से चुनाव लड़ रहे हैं। कई क्रांतिकारियों ने अपने नारे लगाने के लिए इसी उपकरण का इस्तेमाल किया था।'
विज्ञापन
इस पार्टी का चिह्न प्रेशर कुकर
टीटीवी दिनाकरण की एएमएमके प्रेशर कुकर चुनाव चिह्न का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ेगी। प्रेशर कुकर पार्टी के लिए शुभ प्रतीक माना जाता है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद पार्टी ने आरके नगर उपचुनाव जीता था।
हालांकि, नए चुनावी चिह्नों से उतरे सभी उम्मीदवारों की योग्यता साबित करने का समय है। अन्नाद्रमुक (AIADMK) से बाहर किए गए ओ पन्नीरसेल्वम रामनाथपुरम निर्वाचन क्षेत्र से जीतने की इच्छा रखते हैं। वह दावा भी कर रहे हैं, ऐसे में यह साबित होता है कि उनके पास अभी भी अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं का साथ है।
चुनाव चिह्न विचारधारा को दर्शाने के लिए जरूरी
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई का कहना है, 'चुनाव चिह्न मतदाताओं और उनकी विचारधारा को एक साथ जोड़ने का एक तरीका है। द्रमुक के पास उगता सूरज है। सूर्य के प्रतीक का मतलब है कि अज्ञानता के अंधेरे और उत्पीड़न के अंधेरे को दूर भगाना। हर राजनीतिक दल वही चिह्न चाहता है, जो उसकी विचारधारा को दर्शा सके।'