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जून से सितंबर तक 18,000 टन पैदा हुआ कोरोना कचरा, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा
Mon, 12 Oct 2020 03:10 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 12 Oct 2020 03:10 PM IST
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कचरे के ढेर में फेंके पीपीई किट
- फोटो : अमर उजाला
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भारत में पिछले चार महीनों में 18,006 टन कोविड-19 बायोमेडिकल कचरा पैदा हुआ और इसमें महाराष्ट्र का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जो है 3,587 टन। यह जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से मिली है। सिर्फ सितंबर महीने में ही देश भर में करीब 5,500 टन कोविड-19 कचरा पैदा हुआ जो किसी एक महीने में सबसे ज्यादा है।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से मिले आंकड़ों के अनुसार जून से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 18,006 टन कोरोना वायरस संबंधी बायोमेडिकल कचरा पैदा हुआ है। इनका निस्तारण 198 इकाइयों द्वारा किया जा रहा है। कोविड-19 कचरे में पीपीई किट, मास्क, जूता कवर, दस्ताने, रक्त से दूषित वस्तुएं, ब्लड बैग, सुई, सीरिंज आदि शामिल हैं।
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आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में जून से चार महीनों में 3,587 टन कचरा पैदा हुआ जबकि तमिलनाडु में 1,737 टन, गुजरात में 1,638 टन, केरल में 1,516 टन, उत्तर प्रदेश में 1,416 टन, दिल्ली में 1,400 टन, कर्नाटक में 1,380 टन और पश्चिम बंगाल में 1,000 टन कचरा पैदा हुआ।
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सितंबर में करीब 5,490 टन कचरा पैदा हुआ। इस दौरान सबसे ज्यादा 622 टन कचरा गुजरात में पैदा हुआ। इसके बाद तमिलनाडु में 543 टन, महाराष्ट्र में 524 टन, उत्तर प्रदेश में 507 टन और केरल में 494 टन कचरा पैदा हुआ। सीआरपीबी आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में दिल्ली में 382 टन कचरा पैदा हुआ।