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Friendship: भारत-पाक की दो युवतियों की दोस्ती के इंटरनेट पर चर्चे, हार्वर्ड में मुलाकात ने पार की सीमाई हदें

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 12 Aug 2022 11:13 AM IST
सार

स्नेहा बिश्वास अर्ली स्टेप्स एकेडमी की सीईओ हैं। स्नेहा की हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में सहपाठी पाकिस्तानी युवती से मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात बाद में उनके बीच गहरी दोस्ती में बदल गई। स्नेहा बिश्वास ने हार्वर्ड में हुई इस दोस्ती के कुछ किस्से व फोटो के साथ साझा किए हैं।

स्नेहा बिश्वास व पाकिस्तानी युवती ने हार्वर्ड में लहराए राष्ट्र ध्वज
स्नेहा बिश्वास व पाकिस्तानी युवती ने हार्वर्ड में लहराए राष्ट्र ध्वज - फोटो : social media
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विस्तार

भारत-पाकिस्तान की दोस्ती तो फिलहाल दूर की कौड़ी नजर आ रही है और दुश्मनी रोज नए परवान चढ़ रही है। इसी बीच दोनों देशों की दो युवतियों की तीसरे देश में मुलाकात और उनके बीच दोस्ताना रिश्ते की एक कहानी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है। सरहदी बाधाएं तोड़कर हुई इस दोस्ती की ये कहानी स्नेहा बिश्वास ने लिंक्डइन पर साझा की है, जिसे लोगों की सराहना मिल रही है। 


स्नेहा बिश्वास अर्ली स्टेप्स एकेडमी की सीईओ हैं। स्नेहा की हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में सहपाठी पाकिस्तानी युवती से मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात बाद में उनके बीच गहरी दोस्ती में बदल गई। स्नेहा बिश्वास ने हार्वर्ड में हुई इस दोस्ती के कुछ किस्से व फोटो दो दिन पहले लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के साथ साझा किए हैं। स्नेहा ने लिखा है कि भारत के एक छोटे से शहर में पली-बढ़ी होने से पाकिस्तान के बारे में मेरी जानकारी दोनों के बीच क्रिकेट, इतिहास की किताबों और मीडिया से मिलने वाली जानकारियों तक ही सीमित थी। इनमें से ज्यादातर बातें दोनों देशों के बीच आपसी शत्रुता और नफरत से जुड़ी थीं। 

स्नेहा ने लिखा, 'दशकों बाद मैं इस मित्र से मिली। वह इस्लामाबाद की रहने वाली हैं। मैं उससे पहले दिन हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में मिली थी। हमें एक-दूसरे को पसंद करने में पांच सेकंड का समय लगा था, लेकिन पहले सेमेस्टर के अंत तक वह कैंपस में मेरी सबसे करीबी दोस्तों में से एक बन गई थी। हमने कई बार चाय, बिरयानी साथ ली। हम एक-दूसरे को जानने लगे।' वह परंपरागत पाकिस्तानी परिवार में पली, लेकिन उसके माता-पिता बच्चों के लिए काफी सहयोगी रुख अपनाते थे। उन्होंने अपनी इस बेटी व उसकी छोटी बहन को अपने सपने पूरे करने और मेरे साथ साझा करने की छूट दी। उसकी महत्वाकांक्षाओं व साहसी पसंद ने मुझे प्रेरणा दी। 
स्नेहा ने लिखा कि 'मैंने महसूस किया कि जहां आपके व्यक्तिगत रूप से अपने अपने राष्ट्रों के लिए हममें गर्व है, वहीं, लोगों के प्रति आपका प्यार भौगोलिक सीमाओं से परे है। लोग मूल रूप से हर जगह समान हैं। सीमाएं और स्थानों को तो इंसानों ने बनाया है। ये सब दिमाग समझता है, लेकिन दिल अक्सर उन्हें समझने में विफल रहता है। 
अपनी पोस्ट में स्नेहा बिश्वास ने वह तस्वीर भी साझा की है, जिसमें दोनों ने अपने अपने देशों के राष्ट्र ध्वज के साथ नजर आ रही हैं। इसके साथ स्नेहा ने लिखा कि 'बाधाओं को तोड़ने की खुशी पर मुस्कुराएं। न केवल भारत व पाकिस्तान के लिए बल्कि दोनों देशों की अनगिनत लड़कियों के लिए जो बड़े सपने देखने से डरती हैं।'

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