आपकी किचन में ही पैदा हो सकती हैं ताजी सब्जियां, हर पल मिलेगा हरा धनिया और लहसुन
- टेरेस फार्मिंग से किचन तक पहुंचा फल-सब्जी उगाने का आइडिया
- रासायनिक उर्वरकों से पैदा हुई चीजों से परिवार-बच्चों को दूर रखने में मिल रही मदद
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जमीन के सिकुड़ते क्षेत्रफल के बीच टेरेस फार्मिंग ने खाद्यान्न उत्पादन की नई संभावनाओं को जन्म दिया है। अब घर की बालकनी और किचन में भी फल-सब्जियों को उगाने का चलन धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। इससे लोगों को न सिर्फ रासायनिक उर्वरकों और गंदे पानी से पैदा हो रही सब्जियों का विकल्प मिल सकता है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी बहुत सस्ता पड़ता है। इस विधि से एक सौ वर्ग गज के मकान की छत और बालकनी से इतनी सब्जियां पैदा की जा सकती हैं कि इससे एक परिवार को बाहर से सब्जियों को लाने की आवश्यकता बहुत सीमित रह जाती है।
कैसे हो रही किचन फार्मिंग
घर की छत और बालकनी में गमले रखकर या दीवारों से लटकती 'हैंगिंग मैट' पर छोटे-छोटे गमले की क्यारियों में भी सफलतापूर्वक सब्जियां उगाई जा सकती हैं। जिस प्रकार से फूल लगाया जाता है, उसी प्रकार इस विधि में गमलों में हरी खाद डालकर उनमें मौसम के अनुकूल सब्जियों की छोटी पौध या बीज डालकर कुछ ही समय में घर के उपयोग के लिए ताजी सब्जियां उगाई जा सकती हैं। ये बीज-पौध आसपास की नर्सरी से प्राप्त की जा सकती हैं।
हर गमले से कितना लाभ संभव
गॉड कृष्णा कला सोसाइटी की अध्यक्ष कोमल वशिष्ठ ने अमर उजाला को बताया कि एक गमले में फूल के पौधे लगाने की कीमत 30-40 रुपये से 100 रुपये तक आती है। ठीक इसी कीमत पर इन्हीं गमलों में हरी फल-सब्जी उगाई जा सकती हैं। एक बार पौधे लगाकर अलग-अलग सब्जी के हिसाब से एक सीजन में 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की ताजी हरी सब्जियां पैदा की जा सकती हैं। यह बेहद किफायती है।
स्वास्थ्य का विकल्प नहीं
कोमल वशिष्ठ ने कहा कि आजकल सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे किसान अपने खेतों में भी अन्न, फल-सब्जी उगाने के लिए रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। इससे अन्न, फल-सब्जियों के माध्यम से लोगों के शरीर में विभिन्न प्रकार के रसायन पहुंच रहे हैं जो लोगों में तरह-तरह की बीमारियां पैदा कर रहे हैं। यमुना जैसी नदियों के आसपास पैदा हो रही सब्जियों में प्रदूषित पानी के साथ-साथ घातक जहरीले रसायन लोगों के शरीर तक पहुंच रहे हैं। अगर घर पर सब्जियों को उगाने की विधि का उपयोग किया जाए तो इससे परिवार को घातक रसायनों से कुछ हद तक बचाने में मदद मिल सकती है।
क्या-क्या पैदा करना संभव
हरी सब्जियों में धनिया, लहसुन, मिर्च-टमाटर, गोभी, बैंगन, नींबू, लौकी और तोरी का खूब उपयोग किया जाता है। इस विधि से इन जैसी ज्यादातर सब्जियों को उगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का दावा है कि अगर किसी के पास सौ गज का मकान भी उपलब्ध हो तो इसमें पूरे परिवार की जरूरत भर की सब्जी पैदा की जा सकती है और बहुत कम ही सब्जियों को बाहर से लाने की आवश्यकता पड़ेगी।
घर की सजावट भी
घरों में प्राकृतिक सौंदर्य लाने के लिए लोग गमले लगाते हैं, बालकनी में छत से लटकने वाले गमलों में भी विभिन्न सौंदर्य वाली घास, बेल या पौधों को लगाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हीं जगहों का उपयोग हरी सब्जियों को उगाने में किया जाए, तो इससे घर को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ हरी सब्जी भी खाने को मिल सकती है।