फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Fraud through mobile number will be curbed Telecom Department will bring a new system to check the number

DOT: मोबाइल नंबर के जरिए धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम, दूरसंचार विभाग लाएगा नंबर चेक करने वाला नया सिस्टम

Thu, 26 Jun 2025 11:10 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 26 Jun 2025 11:10 PM IST
सार

दूरसंचार विभाग ने मोबाइल नंबर से होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए नए साइबर सुरक्षा नियमों का प्रस्ताव रखा है। इसमें ‘एमएनवी प्लेटफॉर्म’ के जरिए मोबाइल नंबर की पहचान और सत्यापन को अनिवार्य किया जाएगा। बैंक, UPI ऐप्स व अन्य संस्थाएं इस सिस्टम से नंबर की वैधता चेक कर सकेंगी। यह कदम डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने में मदद करेगा।

विज्ञापन
Fraud through mobile number will be curbed Telecom Department will bring a new system to check the number
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने मोबाइल नंबरों के ज़रिए होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए साइबर सुरक्षा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। विभाग ने 24 जून को इस संबंध में एक मसौदा नियम जारी किया है, जिसमें मोबाइल नंबर की पहचान और सत्यापन को और सख्त व पारदर्शी बनाने की बात कही गई है।

विज्ञापन


एमएनवी प्लेटफॉर्म लाने की तैयारी में विभाग
बता दें कि दूरसंचार विभाग एक नया मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म (एमएनवी प्लेटफॉर्म) लाने की तैयारी में है। इसके जरिए मोबाइल नंबर का ऑनलाइन और रियल टाइम सत्यापन किया जा सकेगा। यह प्लेटफॉर्म उन सभी संस्थाओं के लिए उपयोगी होगा जो ग्राहकों की पहचान के लिए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करती हैं, जैसे कि बैंक और वित्तीय संस्थाएं (UPI ट्रांजैक्शन के लिए), डिजिटल लेनदेन करने वाले ऐप्स और बीमा कंपनियां आदि के लिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- AAP: नई मुसीबत में फंस सकते हैं केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज-सत्येंद्र जैन पर एसीबी ने दर्ज किया केस
विज्ञापन
विज्ञापन


इस प्लेटफॉर्म के आने से क्या होगा?
इस प्लेटफॉर्म के जरिए यह चेक किया जा सकेगा कि किसी व्यक्ति या कंपनी का मोबाइल नंबर किसी अधिकृत संस्था या दूरसंचार लाइसेंसधारी के डेटाबेस में मौजूद है या नहीं। इससे फर्जी नंबर, जालसाजी, और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में काफी कमी आने की उम्मीद है। यदि सत्यापन की प्रक्रिया सरकारी या अधिकृत इकाई द्वारा की जाती है, तो प्रति अनुरोध 1.5 रुपये शुल्क लगेगा। वहीं अन्य निजी इकाइयों को प्रति अनुरोध 3 रुपये शुल्क देना होगा।

ये भी पढ़ें:- MEA: अमेरिका की नई ट्रैवल एडवाइजरी पर भारत की प्रतिक्रिया, रणधीर जायसवाल बोले- कुछ नया नहीं..

30 दिनों के भीतर सुझाव देने को कहा
मामले में दूरसंचार विभाग ने आम जनता, कंपनियों और अन्य हितधारकों से इस मसौदे पर 30 दिनों के भीतर सुझाव देने को कहा है। सभी सुझावों की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं बात इसकी जरूरत की करें तो मोबाइल नंबर आज डिजिटल लेनदेन, बैंकिंग, ओटीपी और पहचान से जुड़े तमाम कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। फर्जी नंबरों के जरिए ठगी और धोखाधड़ी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में यह नया प्लेटफॉर्म सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed