फ्रांस के सहयोग से देश के स्टेशन बनेंगे वर्ल्ड क्लास, 11 देशों से मिलाए हाथ
- भारतीय रेलवे ने ट्रेक पर गति के लिए देशों से मिलाए हाथ
- फ्रांस के सहयोग से अंबाला व लुधियाना का स्टेशन बनेगा वर्ल्ड क्लास
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विदेशी मदद से देशी रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में रेलवे मंत्रालय जुटा है। इतना ही नहीं वर्ल्ड क्लास स्टेशन निर्माण में भी विदेशी रेलवे का सहयोग भारत लेगा। रेलवे ने एक दर्जन देशों से पिछले दो साल में समझौता व प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले दिनों रेल मंत्री सुरेश प्रभु फ्रांस व जर्मनी दौरे के दौरान ट्रेनों की तेज रफ्तार, मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड, स्टेशन विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीक विकास समेत भारतीय रेलवे के विकास के लिए कई पहलुओं पर सहयोग के लिए खाका तैयार कर चुके हैं।
विदेशी मदद से भारतीय रेलवे को सुधारने में रेल मंत्रालय जुटा है। जापान के सहयोग से तो बुलेट ट्रेन चलेगी ही इसके पहले दिल्ली-मुंबई रूट पर 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए दक्षिण कोरिया के साथ अध्ययन किया जा रहा है। दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर फ्रांस के सहयोग से 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने साथ ही तकनीकी विकास केलिए सहयोग लिया जा रहा है।
चीन के सहयोग से दिल्ली-नागपुर पर तेज रफ्तार ट्रेन चलाने पर अध्ययन किया जा रहा है। इसी तरह बंगलुरू-मैसूर गलियारे पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे अध्ययन कर रहा है।
रेलवे 50:50 की भागीदारी पर करीब 3.14 करोड़ रुपये की कुल लागत पर अंबाला व लुधियाना स्टेशन के डिजाइन के नवीकरण के लिए संयुक्त अध्ययन के लिए एसएनसीएफ (फ्रेंच रेलवे) के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किया बया है। पिछले महीने से अध्ययन शुरू भी किया जा चुका है। दोनों स्टेशनों का आधुनिकीकरण डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
बता दें कि स्पेन से टेल्गो कंपनी की ट्रेन भारत पहुंच भी गई है। इस ट्रेन का ट्रायल रन इसी महीने किया जाएगा। यह ट्रेन वर्तमान ट्रैक पर ही 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ने में सफल रही तो कई रूट पर यह ट्रेन जल्द ही दौड़नी भी शुरू हो जाएगी।