{"_id":"58a38b284f1c1b4f54d85f1d","slug":"frame-national-policy-for-mentally-ill-sc","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठीक हो चुके मानसिक रोगियों की छुट्टी के लिए राष्ट्रीय नीति बने: SC","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ठीक हो चुके मानसिक रोगियों की छुट्टी के लिए राष्ट्रीय नीति बने: SC
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Wed, 15 Feb 2017 04:26 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने मानसिक रोगियों की दिक्कतें खत्म करने औैर उनकी मानसिक अस्पतालों से छुट्टी के लिए केंद्र को एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए कहा कि चूंकि यह मामला संविधान की समवर्ती सूची में है इसलिए केंद्र को नियम बनाने का अधिकार है।
विज्ञापन
एडवोकेट जीके बंसल की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया है।जनहित याचिका में कहा गया है कि यूपी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 300 लोग ठीक होने के बावजूद घर नहीं भेजे जा रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोग गरीब वर्ग के हैं।
विज्ञापन
याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने कहा कि उम्मीद है भारत सरकार हमें कोई ऐसी नीति तय करने में मदद करेगी, जो उन मानसिक रोगियों को अस्पताल से छुट्टी दिलाएगी, जो ठीक होने के बावजूद घर नहीं भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
इससे पहले अदालत ने इस जनहित याचिका के आधार पर छह राज्यों को नोटिस जारी कर कहा था कि ठीक होने के बाद अस्पताल में जबरदस्ती रखे जा रहे 300 मरीजों को घर जाने दिया जाए। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, जम्मू-कश्मीर और मेघालय को नोटिस जारी कर पूछा गया था कि ठीक होने के बावजूद मानसिक रोगियों को घर क्यों नहीं भेजा जा रहा है।