सियासत: पुडुचेरी जीत भाजपा ने झोली में डाला दक्षिण का एक और किला, अब 18 राज्यों में 'भगवा'
2014 से शुरू हुई भाजपा की लहर ने देश के 21 राज्यों में अपनी सरकार बनाई, लेकिन धीरे-धीरे कुछ राज्य हाथ से निकल गए। हालांकि रविवार को आए चुनाव नतीजों के बाद भाजपा की झोली में एक और राज्य आता दिखाई दे रहा है और वो है पुडुचेरी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजे अब लगभग साफ हो चुके हैं। इन नतीजों में भाजपा और उसके सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के झोले में एक और राज्य आता नजर आ रहा है। बता दें कि असम में पहले से ही भाजपा की सरकार थी और दूसरी बार भी भाजपा सत्ता पर काबिज होगी।
भाजपा की झोली में आए 18 राज्य
वहीं पुडुचेरी में इस बार भाजपा अपने सहयोगी दल के साथ मिलकर यहां सरकार बनाने जा रही है। अब इसके बाद भाजपा और उसके सहयोगी दल के जीते हुए राज्यों की संख्या 18 हो जाएगी। हालांकि आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से पुडुचेरी बहुत छोटा सा राज्य है, इसलिए भाजपा को खास फायदा भी नहीं हुआ है।
मार्च 2018 में भाजपा का 21 राज्यों पर शासन था
इससे पहले नवंबर 2020 में हुए बिहार चुनाव के बाद 49 फीसदी आबादी और 52 फीसदी क्षेत्रफल घेरने वाले 17 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार थी। हालांकि मार्च 2018 में भाजपा की लहर तेज थी और उस समय 71 फीसदी आबादी और 80 फीसदी क्षेत्रफल घेरने वाले 21 राज्यों में भाजपा या यूं कहें कि एनडीए की सरकारें थीं।
मार्च 2018 में भाजपा की लहर, कांग्रेस से ज्यादा शासित राज्य
साल 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार में आई और इसके बाद हुए 30 विधानसभा चुनावों में से 17 राज्यों में अपनी सत्ता काबिज करने में कामयाब रही। इसके बाद मार्च 2018 में त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनाव जीतकर एनडीए की सरकार बनाई और अपने हिस्से में 21 राज्य किए। हालांकि इसके बाद एक-एक करके भाजपा या एनडीए चुनाव हारने लगी और वापस 17 राज्यों पर आ गई।
कौन-कौन से राज्य निकले हाथ से?
साल 2018 में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव हुए लेकिन भाजपा इन राज्यों में हार गई, लेकिन बाद में मध्यप्रदेश में पार्टी बनाने में कामयाब हुई। इसके बाद 2019 महाराष्ट्र और झारखंड भी भाजपा के हाथ से निकल गए और 2020 में दिल्ली में भी भाजपा हारी।