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Mumbai: फर्जी CBI अधिकारी बनकर आए थे रंगदारी वसूलने, स्कॉर्पियो देखते ही व्यापारी ने धर दबोचा, सभी गिरफ्तार
Tue, 04 Oct 2022 12:15 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 04 Oct 2022 12:15 PM IST
सार
मुंबई की गोरेगांव पुलिस ने नकली सीबीआई ऑफिसर बनकर एक व्यापारी से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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चारों आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोरेगांव में सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर एक कारोबारी से रंगदारी वसूलने के आरोप में चार ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से पांच लाख रुपये नकद और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। उनके अन्य भागीदारों की भी तलाश की जा रही है। गोरेगांव के वरिष्ठ पीआई दत्तात्रेय थोपटे ने इसकी जानकारी दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीवन अहीर (विपुल), 52, गिरीश वलेचा (29), राहुल शंकर गायकवाड़ (43) और किशोर चाईबल (52) के रूप में हुई है।
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जानें पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 43 वर्षीय शिकायतकर्ता का गोरेगांव पश्चिम के उन्नत नगर में कार्यालय है। पुलिस को दिए उसके बयान के मुताबिक, उसे अपने कारोबार के लिए करीब 1.6 करोड़ रुपये के कर्ज की जरूरत थी। उनके एक परिचित ने उन्हें कौस्तुभ नाम के एक व्यक्ति के बारे में बताया जो उन्हें कर्ज दिला सकता था। कौस्तुभ ने कहा कि वह कमीशन के रूप में 5 लाख रुपये लेंगे और ऋण किश्तों में दिया जाएगा। तय दिन, 30 सितंबर को, कौस्तुभ के साथ आए एक व्यक्ति को 5 लाख का एक बैग दिखाया। इसके बाद विपुल ने कैश बैग लिया और खुद को सीबीआई अधिकारी बताने लगा। इसके बाद काली स्कॉर्पियो में चार और लोग आए और उनमें से दो ने भी कहा कि वे सीबीआई अधिकारी हैं।
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सीबीआई अधिकारी की तरह ही पूछने लगे सवाल
सभी आरोपियों ने व्यापारी से सवालों की बौछार शुरू कर दी। एक आरोपी ने शिकायतकर्ता से कहा कि अगर उसने उन्हें 5 लाख रुपये दिए दे दें तो वे मामला खत्म कर सकते हैं। डरकर शिकायतकर्ता ने कैश बैग उन्हें थमा दिया और बाहर निकल गया।
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स्कॉर्पियो पर अंकित प्राइवेट नंबर से हुआ शक
व्यापारी जैसे ही कैश का बैग फर्जी ठगों को थमाकर बाहर निकला वैसे ही स्कॉर्पियो को देखकर उसे लगा कि यह एक प्राइवेट नंबर है। उसने तुरंत अपने कर्मचारियों को सतर्क किया और उन्होंने दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि अन्य भाग गए थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों से कड़ी पूछताछ की तो दोनों ने अन्य दो आरोपियों के नाम भी उगल दिए।