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दुनिया के पर्यावरण प्रभावों को जांचने वाले दल में चार भारतीय
Thu, 23 Jul 2020 12:04 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:04 AM IST
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पर्यावरण
- फोटो : सोशल मीडिया
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संयुक्त राष्ट्र की इकाई इंटर गवर्नमेंटल पैनल फॉर क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) ने मंगलवार को 2022 की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 देशों के 39 पर्यावरण, वैज्ञानिक और शोधार्थी सदस्यों वाले पैनल का एलान कर दिया। इसमें अमेरिका और भारत से सर्वाधिक चार-चार लोगों को पैनल में स्थान मिला है। इसमें भारत के दि एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट के दीपक दासगुप्ता, इंटरनेशनल वॉटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की अदिति मुखर्जी, इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सेटेलमेंट के अरोमार रेवी, जाधवपुर यूनिवर्सिटी की डिपार्टमेंट ऑफ इकोनामिक्स की जोयश्री रॉय शामिल हैं।
यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 में इस रिपोर्ट के जारी होने के एक साल के भीतर यूनाइटेड नेशन फ्रमवर्क कंवेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी देशों की समीक्षा की जाएगी कि किस देश ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को किस स्तर तक हासिल किया है।
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यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 में इस रिपोर्ट के जारी होने के एक साल के भीतर यूनाइटेड नेशन फ्रमवर्क कंवेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी देशों की समीक्षा की जाएगी कि किस देश ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को किस स्तर तक हासिल किया है।
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पैनल में 14 महिलाएं
भारत और अमेरिका के बाद पैनल में दूसरे नंबर में ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से तीन-तीन लोग शामिल हैं। कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, चिली, फ्रांस, जर्मनी, चीन और अर्जेंटीना से दो-दो विशेषज्ञ हैं, जबकि ब्राजील समेत बाकी के 11 देशों से एक-एक विशेषज्ञ इस पैनल में है। इस पैनल में 25 पुरुष और 14 महिलाएं हैं।
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करता है आईपीससी
आईपीसीसी ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुनिया पर पड़ रहे प्रभावों का अध्ययन करता है। इसके बाद हर छह से सात साल वर्षों के अंतराल पर एक रिपोर्ट जारी की जाती है।
भारत और अमेरिका के बाद पैनल में दूसरे नंबर में ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से तीन-तीन लोग शामिल हैं। कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, चिली, फ्रांस, जर्मनी, चीन और अर्जेंटीना से दो-दो विशेषज्ञ हैं, जबकि ब्राजील समेत बाकी के 11 देशों से एक-एक विशेषज्ञ इस पैनल में है। इस पैनल में 25 पुरुष और 14 महिलाएं हैं।
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करता है आईपीससी
आईपीसीसी ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुनिया पर पड़ रहे प्रभावों का अध्ययन करता है। इसके बाद हर छह से सात साल वर्षों के अंतराल पर एक रिपोर्ट जारी की जाती है।